गोदावरी नदी प्रदूषण पर सख्त कार्रवाई, आंध्र पेपर लिमिटेड को नोटिस देने के आदेश
पवन कल्याण ने गोदावरी नदी प्रदूषण पर आंध्र पेपर लिमिटेड और नगर निगम को नोटिस देने का आदेश दिया। एपीपीसीबी जांच में गंभीर जल प्रदूषण सामने आया।
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं पर्यावरण और वन मंत्री पवन कल्याण (Pawan Kalyan) ने गोदावरी नदी के प्रदूषण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए आंध्र प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एपीपीसीबी - APPCB) को निर्देश दिया है कि आंध्र पेपर लिमिटेड (एपीएल - Andhra Paper Limited) और राजमहेंद्रवरम नगर निगम (आरएमसी - Rajamahendravaram Municipal Corporation) के अधिकारियों को नोटिस जारी किया जाए।
यह निर्देश 8 जून को जारी किया गया, जब एपीपीसीबी की वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट में राजमहेंद्रवरम शहर के पुष्कर घाट के ऊपर गोदावरी नदी में गंभीर जल प्रदूषण के संकेत मिले। जांच में यह पाया गया कि नदी के पानी में प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ चुका है, जो पर्यावरण और जन स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
पवन कल्याण ने कहा कि गोदावरी जैसी पवित्र और महत्वपूर्ण नदी के प्रदूषण को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिम्मेदार औद्योगिक इकाइयों और स्थानीय निकायों की भूमिका की गहन जांच की जाए।
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उन्होंने एपीपीसीबी से कहा कि आंध्र पेपर लिमिटेड की औद्योगिक गतिविधियों और नगर निगम की निगरानी व्यवस्था में हुई चूक की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। साथ ही, यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि औद्योगिक अपशिष्ट और गंदे पानी के उचित प्रबंधन की कमी के कारण नदी का जल प्रदूषित हुआ है।
स्थानीय लोगों ने भी नदी की खराब होती स्थिति पर चिंता जताई है और सरकार से तुरंत कदम उठाने की मांग की है।
सरकार ने संकेत दिया है कि इस मामले में आगे की कार्रवाई एपीपीसीबी की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।
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