शुक्रवार, 6 नवम्बर 2026
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पेरिस में प्रदर्शनों से ‘तबाही’, मेयर बोलीं- पूरी सड़कें बर्बाद; मिलान में भी हिंसा

फ्रांस में हाल के वर्षों के सबसे बड़े प्रदर्शनों में इमारतों में आग लगाई गई और रिकॉर्ड संख्या में गिरफ्तारियां हुईं, जबकि इटली के मिलान शहर में भी दंगाइयों ने पुलिस से झड़प की।

पेरिस से मिली जानकारी के अनुसार, फ्रांस में बीते दिनों हुए प्रदर्शनों ने देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है। पेरिस की मेयर ने कहा कि शहर की कई पूरी-पूरी सड़कें प्रदर्शनकारियों की हिंसा से "तबाह" हो गई हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान पूरे फ्रांस में कई इमारतों को आग के हवाले कर दिया गया और पुलिस ने रिकॉर्ड संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया।

अधिकारियों के मुताबिक, यह प्रदर्शन बीते कई वर्षों में फ्रांस में हुए सबसे उग्र विरोध प्रदर्शनों में गिने जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कई जगहों पर तीखी झड़पें हुईं, जिससे शहरों में सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। पेरिस की सड़कों पर हुई तोड़-फोड़ और आगजनी की घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

यह घटनाक्रम सिर्फ फ्रांस तक सीमित नहीं रहा। पूरे यूरोप में इसी तरह के प्रदर्शन देखने को मिले हैं। इटली के मिलान शहर में भी शनिवार को दंगाई सड़कों पर उतर आए। मिलान के केंद्रीय इलाके में दंगाइयों ने पुलिस के साथ सीधी झड़प की, कई दुकानों में लूटपाट की और संपत्तियों में आग लगा दी। इस घटना ने इटली की सरकार और स्थानीय प्रशासन के लिए भी नई चुनौती खड़ी कर दी है।

और पढ़ें: फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बीच मैक्रों ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी, पेरिस में संकट इकाई सक्रिय

यूरोप के विभिन्न देशों में एक साथ हो रहे इन प्रदर्शनों को लेकर सुरक्षा विशेषज्ञों और राजनीतिक विश्लेषकों में चिंता बढ़ रही है। फ्रांस और इटली दोनों ही जगहों पर पुलिस बल को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आगे होने वाली किसी भी हिंसा को रोका जा सके।

पेरिस में हुई घटनाओं के बाद स्थानीय प्रशासन ने क्षतिग्रस्त सड़कों और इमारतों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। वहीं मिलान में भी प्रशासन ने क्षतिग्रस्त दुकानों और संपत्तियों का आकलन शुरू कर दिया है। दोनों ही शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़पों में कई लोगों के घायल होने की भी खबरें सामने आई हैं।

फ्रांस में हो रहे इन प्रदर्शनों की वजह और इनके पीछे की मांगों को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सामने आना बाकी है, लेकिन यह स्पष्ट है कि यह विरोध प्रदर्शन हाल के वर्षों में देश में देखे गए सबसे बड़े जन आंदोलनों में से एक है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और आगे की रणनीति तय करने में जुटी हैं।

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