शुक्रवार, 6 नवम्बर 2026
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महाराष्ट्र में हाईवे किनारे ढाबे और दुकानों पर कार्रवाई का आदेश, 60 दिन में हटेंगे अवैध निर्माण

महाराष्ट्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा के लिए अवैध ढाबों, होटलों और व्यावसायिक निर्माणों को हटाने का आदेश दिया है। जिलाधिकारियों को 60 दिनों में कार्रवाई पूरी करनी होगी।

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों के राइट ऑफ वे यानी सड़क के लिए आरक्षित हिस्से में बने अवैध ढाबों, भोजनालयों और अन्य व्यावसायिक निर्माणों को तत्काल हटाने का आदेश दिया है। सरकार का कहना है कि सड़क किनारे बने ऐसे अवैध ढांचे यातायात में बाधा डालने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा सकते हैं।

ग्रामीण विकास विभाग की ओर से जारी आदेश में सभी स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नए या पहले से बने अवैध निर्माणों को 60 दिनों के भीतर हटाया जाए। इसके लिए जिलाधिकारियों को विशेष रूप से जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सरकार ने हाईवे के सुरक्षा क्षेत्रों की नियमित निगरानी के लिए जिला स्तर पर विशेष टास्क फोर्स बनाने का भी निर्देश दिया है। इन टीमों में जिला प्रशासन, पुलिस, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग और संबंधित स्थानीय निकायों के अधिकारी शामिल होंगे।

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सरकारी आदेश के अनुसार, हाईवे के सुरक्षा क्षेत्र में स्थित किसी भी जगह के लिए बिना एनएचएआई या लोक निर्माण विभाग की पूर्व अनुमति के कोई विभाग, प्राधिकरण या स्थानीय निकाय नया लाइसेंस, अनापत्ति प्रमाणपत्र या व्यापारिक अनुमति जारी या नवीनीकृत नहीं कर सकेगा।

पहले से जारी लाइसेंस की भी 30 दिनों के भीतर समीक्षा करने का आदेश दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हाईवे के आसपास संचालित व्यावसायिक गतिविधियां सड़क सुरक्षा नियमों के अनुरूप हों।

सरकार ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट के 13 अप्रैल के निर्देश के बाद उठाया है। आदेश में जिला परिषदों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों को भी अदालत के निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।

जिलाधिकारियों और पुलिस आयुक्तों या पुलिस अधीक्षकों को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई समय पर सुनिश्चित करने की संयुक्त जिम्मेदारी दी गई है। टास्क फोर्स को हर 15 दिन में समीक्षा बैठक करनी होगी और बैठक की कार्यवाही का रिकॉर्ड रखना होगा।

इसके अलावा जिला परिषद और अन्य जिला सड़कों के दुर्घटना संभावित हिस्सों के लिए 21 फरवरी 2024 के दिशा-निर्देशों को भी लागू करने का आदेश दिया गया है। संबंधित विभागों को कार्रवाई की रिपोर्ट समय-समय पर ग्रामीण विकास विभाग को भेजनी होगी।

सरकार का दावा है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य हाईवे पर यातायात सुचारु रखना, दुर्घटनाओं का खतरा कम करना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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