शुक्रवार, 6 नवम्बर 2026
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छात्रों के नाम पर हो रही राजनीति, जंतर-मंतर प्रदर्शन पर शिवसेना नेता संजय निरुपम का हमला

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने जंतर-मंतर पर चल रहे नीट विरोध प्रदर्शन को लेकर विपक्ष पर छात्रों के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया।

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने सोमवार को जंतर-मंतर पर चल रहे नीट (NEET) परीक्षा विवाद से जुड़े प्रदर्शन को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल छात्रों के मुद्दे को वास्तविक समाधान के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।

संजय निरुपम ने कहा कि छात्रों की समस्याएं गंभीर हैं और उनका समाधान सरकार तथा संबंधित संस्थाओं के स्तर पर होना चाहिए, लेकिन कुछ राजनीतिक दल इस मुद्दे को अपने हितों के लिए भुनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन में छात्रों की भावनाओं का उपयोग राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। उनके अनुसार, यदि किसी परीक्षा या भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन आंदोलन को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।

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संजय निरुपम ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करना सभी दलों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने अपील की कि इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय सभी पक्ष मिलकर छात्रों के हित में समाधान तलाशें।

जंतर-मंतर पर पिछले कुछ समय से विभिन्न छात्र संगठनों और अन्य समूहों द्वारा नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में सुधार, निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

इसी बीच, संसद के मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष सरकार पर परीक्षा प्रणाली को लेकर सवाल उठा रहा है, जबकि सत्तारूढ़ दल विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगा रहा है।

संजय निरुपम ने कहा कि छात्रों का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए और किसी भी प्रकार की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से ऊपर उठकर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और संबंधित एजेंसियां मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कदम उठाएंगी, जिससे छात्रों का विश्वास शिक्षा व्यवस्था में बना रहे।

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