×
 

घर में गंभीर, मंच पर मस्तीखोर: अमिताभ बच्चन को लेकर अगस्त्य नंदा का खुलासा

केबीसी में अगस्त्य नंदा ने बताया कि अमिताभ बच्चन घर में गंभीर लेकिन सार्वजनिक मंचों पर मस्तीखोर हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह व्यवहारिक संदर्भ और पारिवारिक भूमिकाओं का स्वाभाविक फर्क है।

परिवार के भीतर रिश्तों का स्वरूप अक्सर सार्वजनिक छवि से बिल्कुल अलग होता है। कामकाज या सामाजिक मंचों पर जिस तरह कोई व्यक्ति खुद को प्रस्तुत करता है, वही व्यवहार घर के माहौल में जरूरी नहीं कि दिखे। ऐसा ही एक हल्का-फुल्का लेकिन अर्थपूर्ण पल ‘कौन बनेगा करोड़पति 17’ के हालिया एपिसोड में देखने को मिला, जब सुपरस्टार अमिताभ बच्चन के साथ हॉट सीट पर उनके नाती अगस्त्य नंदा और फिल्म ‘इक्कीस’ की टीम मौजूद थी।

दर्शकों में से एक सवाल के जवाब में अगस्त्य ने बताया कि कैमरे के बाहर अमिताभ बच्चन कैसे अलग होते हैं। उन्होंने कहा, “नानू यहां बहुत अलग हैं, लेकिन घर पर वे काफी गंभीर रहते हैं। यहां उनका यह उत्साह और मस्ती भरा रूप मैं पहली बार देख रहा हूं और मुझे यह बहुत अच्छा लग रहा है।” इस पर अमिताभ बच्चन खुद भी मुस्कराते हुए मजाक करने लगे।

बातचीत और मजेदार तब हो गई जब अगस्त्य से पूछा गया कि उनके पसंदीदा दादा-दादी कौन हैं। थोड़ी झिझक पर अमिताभ ने मजाक में कहा, “फंस गए भैया।” इसी बीच सह-कलाकार जयदीप अहलावत ने चुटकी ली, “अगर वैनिटी में पिटना है तो जयाजी का नाम लो, लेकिन अगर घर पर पिटना है तो बिग बी सर का नाम लो।” जब अगस्त्य ने आखिरकार कहा कि उनकी नानी जया बच्चन ज्यादा सख्त हैं, तो अमिताभ ने हंसी में हामी भरते हुए कहा, “बिल्कुल सही है।”

और पढ़ें: सलमान खान की बैटल ऑफ गलवान पर चीन की आलोचना के बाद भारत का कड़ा जवाब

इस मजाकिया बातचीत के पीछे एक गहरी सच्चाई भी छुपी है—कई बुजुर्ग घर में गंभीर और सार्वजनिक मंचों पर ज्यादा सहज या चंचल क्यों दिखते हैं? अस्तित्ववादी विश्लेषक गुरलीन बरुआ के अनुसार, सार्वजनिक जीवन में खासकर शोबिज जैसे क्षेत्रों में मस्ती और अभिव्यक्ति भूमिका का हिस्सा होती है। वहीं घर वह जगह है जहां व्यक्ति बिना किसी प्रदर्शन के, अपनी थकान और चिंताओं के साथ होता है।

बरुआ बताती हैं कि घर में सख्ती अगर सीमाओं और सुरक्षा तक सीमित हो तो बच्चों के लिए फायदेमंद होती है, लेकिन भावनात्मक दूरी या अत्यधिक नियंत्रण बच्चों को संकोची या चिंतित बना सकता है। समय के साथ एक ही व्यक्ति के अलग-अलग रूप देखना रिश्तों को अधिक परिपक्व और संवाद को बेहतर बना सकता है।

और पढ़ें: नवजात बेटी के स्वागत में पिता का जोशीला धुरंधर डांस वायरल, यामी गौतम ने कहा— ट्रेंड के विनर

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share