×
 

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: श्रेणियां, चयन प्रक्रिया और रिकॉर्ड धारक

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में फिल्मों, कलाकारों और तकनीकी उपलब्धियों को सम्मानित किया जाता है। चयन के लिए अलग-अलग जूरी बनाई जाती हैं, जबकि कई कलाकारों ने उल्लेखनीय रिकॉर्ड बनाए हैं।

भारत के 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार आज गुजरात में प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही पुरस्कार समारोह के इतिहास में एक और बदलाव दर्ज होगा, क्योंकि पहली बार यह आयोजन दिल्ली से बाहर हो रहा है।

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दिए जाते हैं। हर वर्ष पात्र फिल्मों से प्रविष्टियां आमंत्रित की जाती हैं। इसके बाद अभिनय, निर्देशन, लेखन और तकनीकी उपलब्धियों समेत विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कारों का चयन किया जाता है।

कैसे होता है चयन?

मंत्रालय फीचर फिल्म, गैर-फीचर फिल्म और सिनेमा लेखन सहित अलग-अलग वर्गों के लिए जूरी गठित करता है। इनमें सिनेमा, कला और मानविकी क्षेत्र से जुड़े अनुभवी लोग शामिल होते हैं। फीचर फिल्मों के लिए पहले क्षेत्रीय समितियां फिल्मों की स्क्रीनिंग कर शॉर्टलिस्ट करती हैं। इसके बाद राष्ट्रीय जूरी इन फिल्मों पर विचार कर विजेताओं का चयन करती है। इसका उद्देश्य भारत की विभिन्न भाषाओं और क्षेत्रों की फिल्मों को व्यापक स्तर पर परखना है।

और पढ़ें: राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2026 आज: गुजरात में 72वें समारोह का आयोजन, जानें कब और कहां देखें लाइव

स्वर्ण कमल और रजत कमल

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में विभिन्न श्रेणियों के अनुसार स्वर्ण कमल और रजत कमल सम्मान दिए जाते हैं। कुछ पुरस्कारों के साथ नकद राशि, पदक या प्रशस्ति-पत्र भी दिया जाता है। परंपरागत रूप से राष्ट्रपति पुरस्कार समारोह में सम्मान प्रदान करते हैं।

70वें पुरस्कारों में बदलाव

70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में पुरस्कार संरचना में कई बदलाव किए गए। कुछ श्रेणियों को पुनर्गठित किया गया और पुरस्कार राशि बढ़ाई गई। ‘इंदिरा गांधी अवॉर्ड फॉर बेस्ट डेब्यू फिल्म ऑफ ए डायरेक्टर’ का नाम बदलकर ‘बेस्ट डेब्यू फिल्म ऑफ ए डायरेक्टर’ किया गया। राष्ट्रीय, सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के लिए नई श्रेणी भी बनाई गई। एनीमेशन और विजुअल इफेक्ट्स को भी अधिक महत्व दिया गया।

प्रमुख रिकॉर्ड

शबाना आजमी ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार पांच बार जीता है। उन्हें ‘अंकुर’, ‘अर्थ’, ‘खंडहर’, ‘पार’ और ‘गॉडमदर’ के लिए सम्मान मिला।

72वें पुरस्कारों से पहले अमिताभ बच्चन के नाम सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के चार पुरस्कार थे। उन्होंने ‘अग्निपथ’, ‘ब्लैक’, ‘पा’ और ‘पीकू’ के लिए पुरस्कार जीते। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में ममूटी को ‘ब्रमायुगम’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया, जिससे अभिनय श्रेणी में उनके राष्ट्रीय पुरस्कारों की संख्या चार हो गई।

पार्श्व गायन में के. जे. येसुदास आठ सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्वगायक पुरस्कारों के साथ रिकॉर्ड धारक हैं। संगीतकार ए. आर. रहमान सात राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुके हैं।

फिल्मकार सत्यजीत रे 36 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के साथ सबसे अधिक सम्मानित नामों में शामिल हैं। उन्हें छह बार सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार मिला। 1954 में सीमित श्रेणियों से शुरू हुए ये पुरस्कार आज भारतीय सिनेमा की विविध भाषाओं, शैलियों और तकनीकी क्षेत्रों को सम्मानित करने वाला व्यापक मंच बन चुके हैं।

और पढ़ें: 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार पहली बार दिल्ली से बाहर, गुजरात के एकता नगर में होगा समारोह

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share