लखनऊ अलीगंज अग्निकांड: एलडीए ने बिल्डिंग पर ध्वस्तीकरण के आदेश दिए, अवैध निर्माण और नियम उल्लंघन उजागर
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड के बाद एलडीए ने अवैध कमर्शियल बिल्डिंग को ध्वस्त करने के आदेश दिए हैं। जांच में कई गंभीर निर्माण और नियम उल्लंघन सामने आए हैं।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित बिल्डिंग को ध्वस्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं। एलडीए ने साफ कहा है कि या तो मालिक स्वयं इस इमारत को गिरा दें, अन्यथा प्राधिकरण इसे खुद जमींदोज करेगा।
यह इमारत लगभग 1992 वर्ग फुट क्षेत्र में बनी थी और इसे सेक्टर डी, अलीगंज योजना में स्थित बताया गया है। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। यह इलाका आवासीय है, जहां केवल घर बनाए जा सकते हैं, लेकिन यहां पर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स खड़ा कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, यह प्लॉट 2013 में वीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला द्वारा खरीदा गया था और 2014 में इसका आवासीय नक्शा पास कराया गया था, लेकिन बाद में इसका उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जाने लगा।
एलडीए नियमों के अनुसार किसी भी इमारत में आगे और पीछे तीन-तीन मीटर सेटबैक छोड़ना जरूरी होता है, लेकिन इस बिल्डिंग में इसका पालन नहीं किया गया। इसके अलावा, कमर्शियल भवन में दो एंट्री-एग्जिट होना आवश्यक होता है, जबकि यहां केवल एक ही रास्ता था, जिसमें एयर कंडीशनर की बाहरी यूनिट्स भी लगी हुई थीं।
2016 में इस बिल्डिंग को अवैध घोषित किया गया था, लेकिन बाद में कुछ ही दिनों में यह कागजों में वैध कर दी गई, जिस पर अब सवाल उठ रहे हैं।
जांच में बिजली व्यवस्था में भी खामियां मिली हैं, जहां मानक के विपरीत सामग्री का उपयोग किया गया था। इमारत में स्थित एनिमेशन सेंटर के दरवाजे पर बायोमेट्रिक सिस्टम लगा था और ऊपरी मंजिल पर ताला बंद पाया गया।
फायर विभाग के नियमों के अनुसार 15 मीटर से ऊंची इमारतों को ही एनओसी की आवश्यकता होती है, इसलिए इस भवन को एनओसी नहीं दी गई थी।
अग्निकांड में कई लोगों की मौत के बाद अब प्रशासन की यह कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है।
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