ईरान ने स्टारलिंक को बताया "युद्ध का हथियार", इंटरनेट पर और सख्ती की चेतावनी
अमेरिका-इज़राइल युद्ध के बीच ईरान ने एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक के खिलाफ कार्रवाई तेज़ करने का ऐलान किया है, अधिकारियों ने इसे जासूसी और दुश्मन के नियंत्रण का औज़ार बताया।
ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका-इज़राइल के साथ जारी युद्ध के बीच वे एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेंगे और वैश्विक इंटरनेट पर और प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। ईरान में राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर स्टारलिंक पहले से ही प्रतिबंधित है और इसके इस्तेमाल पर जुर्माने व जेल की सजा का प्रावधान है।
सुप्रीम नेशनल साइबरस्पेस काउंसिल के सचिव मोहम्मद अमीन आगामिरी ने स्टारलिंक को "युद्ध का हथियार" करार देते हुए कहा कि इसका इस्तेमाल दुश्मन द्वारा कमांड, नियंत्रण, जासूसी और सूचना जुटाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्टारलिंक टर्मिनलों को निष्क्रिय करने के लिए कई प्रणालियां मौजूद हैं, हालांकि उन्होंने तकनीकी विवरण साझा नहीं किया।
ईरान में फरवरी 2026 से जारी युद्ध के दौरान देश ने दो बार लंबे इंटरनेट शटडाउन झेले हैं — जनवरी में तीन सप्ताह और युद्ध की शुरुआत में 88 दिन तक। स्टारलिंक रखने पर छह महीने से दो साल तक की सज़ा और आयात-वितरण पर पांच साल तक की कैद का प्रावधान है, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों से जुड़ने पर मृत्युदंड तक हो सकता है।
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सरकारी प्रवक्ता फातेमे मोहाजेरानी ने मंगलवार को स्वीकार किया कि सुरक्षा कारणों से जानबूझकर इंटरनेट की गति धीमी की जाती है। वहीं एक नीतिगत दस्तावेज़ में संकेत दिया गया है कि गूगल प्ले और व्हाट्सऐप पर प्रतिबंध हटाए जा सकते हैं, जबकि यूट्यूब और टेलीग्राम के लिए सरकार की शर्तें माननी होंगी, जिसकी संभावना फिलहाल कम है।