अन्नाद्रमुक में नेतृत्व संकट गहराया, ई. पलानीस्वामी पर इस्तीफे का दबाव तेज
तमिलनाडु चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद अन्नाद्रमुक में नेतृत्व विवाद बढ़ा। ई. पलानीस्वामी के खिलाफ असंतोष बढ़ा और कई नेता नेतृत्व बदलाव की मांग कर रहे हैं।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अन्नाद्रमुक (AIADMK) में अंदरूनी कलह तेज हो गई है। पार्टी के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी पर अब इस्तीफे का दबाव बढ़ता जा रहा है। कई विधायक और वरिष्ठ नेता उनके नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं और नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, पूर्व मंत्री सी. वी. षणमुगम और एस. पी. वेलुमणि जैसे वरिष्ठ नेताओं ने खुले तौर पर नाराजगी जताई है और हाल ही में पलानीस्वामी की अध्यक्षता में हुई बैठक से भी दूरी बनाए रखी। कुछ नेताओं ने तो यहां तक सुझाव दिया है कि पार्टी को तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) और मुख्यमंत्री विजय को समर्थन देना चाहिए।
पूर्व नेता के. सी. पलानीस्वामी ने कहा कि पार्टी में स्पष्ट विभाजन है और कई विधायक नेतृत्व परिवर्तन चाहते हैं। उन्होंने पलानीस्वामी से स्वेच्छा से पद छोड़ने की अपील की।
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चुनाव में AIADMK को केवल 47 सीटें मिलीं, जिससे नेतृत्व पर सवाल और गहरे हो गए हैं। चुनाव से पहले भी नेतृत्व परिवर्तन की मांग उठती रही थी।
विधानसभा में दो गुटों में पहुंचे विधायक
सोमवार को विधानसभा सत्र के पहले दिन AIADMK के विधायक दो अलग-अलग समूहों में पहुंचे, जिससे पार्टी में दरार की अटकलें और तेज हो गईं। एक समूह में पलानीस्वामी, के. पी. मुनुसामी और थलावई एन. सुंदरम शामिल थे, जबकि दूसरे में वेलुमणि और डॉ. सी. विजयभास्कर नजर आए।
हालांकि, विधायक एसाक्की सुबैया ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी में सब कुछ सामान्य है और अन्नाद्रमुक को कोई नहीं तोड़ सकता।
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