अकासा एयर में बड़ा बदलाव: सह-संस्थापक प्रवीण अय्यर का इस्तीफा
अकासा एयर के सह-संस्थापक और CCO प्रवीण अय्यर ने इस्तीफा दिया। चार महीनों में दूसरी बड़ी विदाई के बीच कंपनी ने 30 अप्रैल 2026 तक सुचारू ट्रांजिशन का भरोसा दिया।
अकासा एयर में एक और बड़ा नेतृत्व बदलाव सामने आया है। एयरलाइन के सह-संस्थापक और मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी (CCO) प्रवीण अय्यर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह पिछले चार महीनों में एयरलाइन के शीर्ष स्तर पर दूसरी बड़ी विदाई है। कंपनी ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि लगभग पांच वर्षों की शानदार यात्रा के बाद अय्यर ने अपने करियर के अगले अध्याय की शुरुआत करने का फैसला किया है।
एयरलाइन ने बताया कि प्रवीण अय्यर 30 अप्रैल 2026 तक नेतृत्व टीम के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि जिम्मेदारियों का सुचारू और व्यवस्थित हस्तांतरण सुनिश्चित किया जा सके। इससे कंपनी के संचालन पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव न पड़े, इसके लिए संक्रमण प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
गौरतलब है कि प्रवीण अय्यर, नीलू खत्री के बाद अकासा एयर छोड़ने वाले दूसरे सह-संस्थापक हैं। नीलू खत्री ने अक्टूबर 2025 में पद छोड़ दिया था। अय्यर एयरलाइन की एग्जीक्यूटिव कमेटी के भी सदस्य रहे हैं। अगस्त 2022 में परिचालन शुरू करने वाली अकासा एयर के अब चार सह-संस्थापक बचे हैं—आदित्य घोष, आनंद श्रीनिवासन, बेल्सन कुटिन्हो और भाविन जोशी। विनय दूबे कंपनी के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।
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वर्तमान में अकासा एयर के बेड़े में 33 बोइंग 737 मैक्स विमान शामिल हैं। एयरलाइन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर तेजी से विस्तार कर रही है। जनवरी में अकासा एयर अंतरराष्ट्रीय एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) की सदस्य बनी, जो दुनिया की 360 से अधिक एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करती है। सदस्यता के लिए कंपनी ने IATA ऑपरेशनल सेफ्टी ऑडिट सफलतापूर्वक पूरा किया।
IATA के एशिया-प्रशांत क्षेत्रीय उपाध्यक्ष शेल्डन ही ने कहा कि भारत का एविएशन सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और यह लाखों नौकरियों तथा अरबों डॉलर के आर्थिक योगदान का समर्थन करता है। विनय दूबे ने कहा कि IATA सदस्यता से अकासा एयर की वैश्विक विश्वसनीयता और मजबूत होगी।
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