बिहार के बाद असम में भी NEET प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामले वापस, CJP नेताओं से बातचीत के बाद सरकार का फैसला
NEET-UG कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों पर दर्ज मामलों को बिहार के बाद असम सरकार ने भी वापस लेने का फैसला किया। CJP नेताओं से बातचीत के बाद कदम उठाया गया।
नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हुए प्रदर्शनों को लेकर बिहार के बाद अब असम सरकार ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने का फैसला किया है। यह फैसला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं और सरकारी अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद सामने आया है।
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सोमवार रात सरकार के प्रतिनिधियों के साथ उनकी बैठक हुई। उन्होंने दावा किया कि बैठक के दौरान बिहार और असम सरकार की ओर से जारी अधिसूचनाओं की प्रतियां साझा की गईं, जिनमें प्रदर्शनकारियों पर दर्ज प्राथमिकी (FIR) वापस लेने, भविष्य में कोई कार्रवाई नहीं करने और हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने की बात कही गई है।
सौरव दास ने कहा कि सरकार ने केंद्र और अन्य भाजपा/NDA शासित राज्यों की ओर से भी इसी तरह की गारंटी अधिसूचना जारी करने का आश्वासन दिया है।
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इससे पहले सोमवार को बिहार सरकार ने NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों से जुड़े सभी मामले वापस लेने और जेल में बंद लोगों को रिहा करने की घोषणा की थी। बिहार गृह विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे से पहले हुए प्रदर्शनों में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, 25 जुलाई को बुलाए गए बिहार बंद के दौरान कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें से 339 नाबालिगों को छोड़ दिया गया, जबकि 355 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई थी।
वहीं, असम सरकार ने भी NEET-UG विरोध प्रदर्शनों से जुड़े पांच मामलों को वापस लेने का फैसला किया है। इन मामलों में 13 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। असम गृह एवं राजनीतिक विभाग ने कहा कि राज्य में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई आगे की कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
सरकार ने बताया कि दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया कानून के अनुसार जल्द शुरू की जाएगी। गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की प्रक्रिया भी तेजी से पूरी की जाएगी।
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने असम सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अब गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई और भविष्य में किसी कार्रवाई से छूट सुनिश्चित की जाएगी।
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