×
 
☰

ब्राज़ील में अमेज़न वनों की कटाई रिकॉर्ड निचले स्तर पर, राष्ट्रपति चुनाव से पहले अहम मोड़

ब्राज़ील सरकार के नए आंकड़ों के अनुसार अमेज़न वर्षावन में वनों की कटाई 1988 में रिकॉर्ड रखे जाने के बाद से सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है, लेकिन 25 अक्टूबर के राष्ट्रपति चुनाव के बाद यह रुझान बरकरार रहेगा या पलटेगा, यह अनिश्चित है।

ब्राज़ील सरकार द्वारा जारी नए आंकड़ों से पता चला है कि अमेज़न वर्षावन क्षेत्र में वनों की कटाई 1988 में आंकड़े रखे जाने की शुरुआत के बाद से सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। यह आंकड़ा वैश्विक स्तर पर पर्यावरण के लिहाज़ से महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसे राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा के लिए एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।

यह सफलता ऐसे समय सामने आई है जब ब्राज़ील में 25 अक्टूबर को राष्ट्रपति चुनाव का निर्णायक दौर होना है। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि वनों की कटाई में आई इस गिरावट का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा या चुनाव के बाद स्थिति पलट जाएगी। यह पूरा मामला फिलहाल कगार पर टिका हुआ है, क्योंकि चुनावी मुकाबले में शामिल दोनों उम्मीदवारों का अमेज़न वर्षावन के भविष्य को लेकर नज़रिया पूरी तरह अलग-अलग है।

इन दोनों उम्मीदवारों के बीच मतभेद केवल पर्यावरण नीति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर अमेरिका के साथ ब्राज़ील के रिश्तों पर भी पड़ सकता है, खासकर डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन के साथ संबंधों के संदर्भ में। चुनावी परिदृश्य में हाल ही में एक झटका भी देखने को मिला है, जब फ्लेविओ बोल्सोनारो ने चुनावी दौड़ में बढ़त हासिल की, जिससे जलवायु अभियानकर्ताओं में चिंता बढ़ी है।

और पढ़ें: जल-शोधन कंपनी ग्रेडिएंट का भारत पर बड़ा दांव, पांच नए अनुबंध हासिल, हरि प्रसाद बने भारत एमडी

पर्यावरणविदों और जलवायु कार्यकर्ताओं का मानना है कि अमेज़न वर्षावन न केवल ब्राज़ील बल्कि पूरी दुनिया के लिए जलवायु संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में वनों की कटाई में आई यह गिरावट वैश्विक स्तर पर एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है। हालांकि, यह उपलब्धि आगे भी बनी रहेगी या नहीं, यह काफी हद तक आगामी चुनाव के नतीजों पर निर्भर करेगा।

राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा के कार्यकाल के दौरान अमेज़न संरक्षण को लेकर उठाए गए कदमों को इस गिरावट का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, फ्लेविओ बोल्सोनारो के चुनावी अभियान में बढ़त को लेकर यह आशंका जताई जा रही है कि अगर वे सत्ता में आते हैं तो वनों की कटाई रोकने की नीतियों में बदलाव हो सकता है।

आने वाले दिनों में 25 अक्टूबर को होने वाला यह चुनावी मुकाबला न केवल ब्राज़ील की घरेलू राजनीति बल्कि वैश्विक जलवायु नीति और अमेज़न वर्षावन के भविष्य के लिए भी निर्णायक साबित होगा। दुनिया भर की नज़रें अब इस बात पर टिकी हैं कि ब्राज़ील के मतदाता किस दिशा में फैसला सुनाते हैं और इसका असर अमेज़न वर्षावन के संरक्षण पर किस तरह पड़ता है।

और पढ़ें: गगनयान: क्रू और सर्विस मॉड्यूल अलग करने का परीक्षण सफल, 2026 में लॉन्च होगा पहला मानवरहित मिशन G1

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share