केंद्र ने कोयला गैसीकरण के लिए 37,500 करोड़ की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी, धान की एमएसपी 72 रुपये बढ़ाई
केंद्र ने कोयला गैसीकरण के लिए 37,500 करोड़ रुपये की योजना और धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य 72 रुपये बढ़ाकर 2,441 रुपये प्रति क्विंटल करने की घोषणा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमिटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) ने देश में कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देने के लिए 37,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी। इस कदम से भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और अमेरिकी-ईरान संघर्ष जैसी अस्थिर भू-राजनीतिक परिस्थितियों में विदेशी ईंधन आयात पर निर्भरता कम होगी।
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश में ज्ञात कोयला भंडार 401 मिलियन टन है, जो अगले 200 वर्षों के लिए पर्याप्त है। इस योजना में 75 मिलियन टन कोयले के गैसीकरण के लिए लगभग 3,000 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
कोयला गैसीकरण क्या है?
कोयला गैसीकरण एक प्रक्रिया है जिसमें कोयले को सिंथेटिक गैस (Syngas) में बदला जाता है, जिसे वैकल्पिक ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे कार्बन उत्सर्जन कम होता है और मीथेनॉल, उर्वरक, हाइड्रोजन और रसायन का उत्पादन संभव होता है। योजना का उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना और घरेलू संसाधनों का बेहतर उपयोग करना है। भारत 2030 तक 100 मिलियन टन कोयला गैसीकरण क्षमता हासिल करना चाहता है।
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साथ ही, सरकार ने धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 72 रुपये बढ़ाकर 2,441 रुपये प्रति क्विंटल कर दी है। सामान्य और ए-ग्रेड किस्मों की MSP क्रमशः 2,441 और 2,461 रुपये प्रति क्विंटल होगी।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह MSP उत्पादन लागत से 50 प्रतिशत अधिक है। अनुमानित भुगतान किसानों को 2.60 लाख करोड़ रुपये और वार्षिक खरीद 824.41 लाख टन होगी।