धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा गैर-समझौतावादी मांग, पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन: सीजेपी
सीजेपी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को गैर-समझौतावादी बताया। सौरव दास ने शांतिपूर्ण आंदोलन पर जोर दिया, जबकि केंद्र ने संसद में नीट मुद्दे पर चर्चा की पेशकश दोहराई।
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन के बीच पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को "गैर-समझौतावादी" बताते हुए कहा कि जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
सौरव दास ने कहा कि उन्होंने पूरे दिन कई बार सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से बातचीत की। दोनों इस बात पर सहमत हुए कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि सोनम वांगचुक ने भी सार्वजनिक रूप से सभी प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने की अपील की है।
हालांकि, सौरव दास ने आरोप लगाया कि देश में पहले भी कई आंदोलनों के दौरान सत्तारूढ़ व्यवस्था द्वारा असामाजिक तत्वों को प्रदर्शन में घुसाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई, जिसके बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को ही दोषी ठहराया गया। उन्होंने कहा कि इस बार ऐसा नहीं होने दिया जाएगा और प्रदर्शनकारी पूरी सतर्कता बरतेंगे।
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केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की प्रेस वार्ता पर प्रतिक्रिया देते हुए सौरव दास ने कहा कि जंतर-मंतर पर लोग पिछले 30 दिनों से बैठे हैं और इस मुद्दे पर राजनीति वही कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को आंदोलन को बदनाम करने के बजाय छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक जैसे गंभीर मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार संसद में इस मामले के हर पहलू पर विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। नड्डा ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक के कारणों, इसमें शामिल लोगों, केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर गंभीर विचार होना चाहिए, ताकि देश के लाखों छात्रों के साथ अन्याय न हो।
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