कांग्रेस ने भारत जोड़ो न्याय यात्रा को लोकतंत्र और संविधान पर चर्चा के केंद्र में लाने का श्रेय दिया
कांग्रेस ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व वाली भारत जोड़ो न्याय यात्रा ने लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय को जनचर्चा व 2024 लोकसभा चुनाव के केंद्र में लाने में अहम भूमिका निभाई।
कांग्रेस ने ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ की शुरुआत की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर बुधवार (14 जनवरी 2026) को कहा कि इस राष्ट्रव्यापी यात्रा ने देश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा को सार्वजनिक विमर्श के केंद्र में लाने में अहम भूमिका निभाई। पार्टी का कहना है कि इस यात्रा का असर न केवल आम जनचर्चा पर पड़ा, बल्कि 2024 के लोकसभा चुनाव अभियान में भी इसके मुद्दे प्रमुखता से उभरे।
कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाली गई इस यात्रा ने ऐसे समय में संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक संस्थाओं और सामाजिक न्याय से जुड़े सवालों को सामने रखा, जब देश में राजनीतिक ध्रुवीकरण लगातार बढ़ रहा था। उनके अनुसार, यात्रा ने आम नागरिकों के बीच यह संदेश पहुंचाया कि लोकतंत्र केवल चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संस्थाओं की स्वतंत्रता, संविधान का सम्मान और सभी वर्गों के लिए समान न्याय भी शामिल है।
जयराम रमेश ने कहा कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा ने बेरोजगारी, महंगाई, सामाजिक असमानता और हाशिए पर पड़े समुदायों के अधिकारों जैसे मुद्दों को भी मजबूती से उठाया। इन विषयों पर हुई चर्चाओं ने विपक्षी राजनीति को नई दिशा दी और सत्ताधारी दल को भी इन सवालों पर जवाब देने के लिए मजबूर किया।
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कांग्रेस का मानना है कि इस यात्रा के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों से सीधे संवाद के कारण पार्टी को जमीनी स्तर पर जनता की भावनाओं को समझने का अवसर मिला। पार्टी नेताओं के अनुसार, यही कारण है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में संविधान और लोकतंत्र की रक्षा जैसे मुद्दे चुनावी बहस के केंद्र में रहे।
कांग्रेस ने यह भी दोहराया कि भविष्य में भी वह लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक सिद्धांतों की रक्षा के लिए इसी तरह जन आंदोलन और संवाद का रास्ता अपनाती रहेगी।
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