कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर पार, दलाल स्ट्रीट में भारी गिरावट
कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल पार होने से शेयर बाजार में गिरावट आई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज गिरावट देखी गई, निवेशकों में वैश्विक तनाव को लेकर चिंता बढ़ी।
वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। दलाल स्ट्रीट पर कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई। इसका मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचना माना जा रहा है।
सोमवार 9 मार्च 2026 को शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,862.15 अंक गिरकर 77,056.75 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी 50 भी 582.4 अंक की गिरावट के साथ 23,868.05 पर कारोबार शुरू करता दिखा। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 78,918.90 और निफ्टी 24,450.45 के स्तर पर बंद हुआ था।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण मध्य पूर्व में तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इस संघर्ष के चलते कई बड़े तेल उत्पादक देशों ने आपूर्ति घटा दी है, जिससे वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं।
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तेल की कीमतों में इस उछाल का सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ा है। महंगे कच्चे तेल से महंगाई बढ़ने और आर्थिक गतिविधियों पर दबाव पड़ने की आशंका के कारण निवेशक सतर्क हो गए हैं।
शुरुआती कारोबार में बाजार का रुख भी नकारात्मक रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आंकड़ों के मुताबिक 261 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 2,133 शेयरों में गिरावट देखी गई। वहीं 109 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तनाव और तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
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