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मध्य-पूर्व संघर्ष के बीच सरकार ने रिफाइनरियों के लिए एलपीजी उत्पादन लक्ष्य तय किए

मध्य-पूर्व संकट के बीच केंद्र ने 21 रिफाइनरियों और कंपनियों के लिए एलपीजी उत्पादन लक्ष्य तय किए हैं, ताकि आयात बाधित होने पर घरेलू गैस आपूर्ति सुरक्षित रहे।

मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के बीच भारत सरकार ने घरेलू एलपीजी आपूर्ति को मजबूत करने के लिए पहली बार सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की रिफाइनरियों तथा तेल-गैस कंपनियों के लिए अधिकतम उत्पादन लक्ष्य तय किए हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 13 अगस्त को जारी आदेश में 21 रिफाइनरियों और अपस्ट्रीम कंपनियों के लिए प्रतिदिन कुल 63,810 टन एलपीजी उत्पादन क्षमता निर्धारित की है।

सरकार का यह कदम आयातित रसोई गैस पर भारत की भारी निर्भरता को देखते हुए उठाया गया है। ये उत्पादन लक्ष्य उस समय लागू होंगे, जब देश में एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होगी।

निजी क्षेत्र में रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे बड़ा लक्ष्य दिया गया है। गुजरात के जामनगर स्थित उसकी घरेलू बाजार के लिए संचालित रिफाइनरी से प्रतिदिन 18,000 टन एलपीजी उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की कोच्चि रिफाइनरी के लिए 4,800 टन और नायरा एनर्जी के लिए 4,480 टन प्रतिदिन का लक्ष्य है।

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सार्वजनिक क्षेत्र की 18 रिफाइनरियों के लिए कुल 31,470 टन प्रतिदिन का उत्पादन लक्ष्य तय किया गया है। वहीं, ओएनजीसी और गेल जैसी कंपनियों को प्राकृतिक गैस से एलपीजी उत्पादन के लिए कुल 6,460 टन प्रतिदिन का लक्ष्य दिया गया है।

आदेश के तहत कंपनियों को निर्धारित मात्रा के भंडारण, परिवहन और निकासी के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा बनाए रखने को कहा गया है। उत्पादन बढ़ाने के लिए नाफ्था-से-एलपीजी रूपांतरण और रिफाइनरी तकनीक में उन्नयन जैसे उपाय भी अपनाए जाएंगे।

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने करीब 3.32 करोड़ टन एलपीजी की खपत की। इसमें लगभग 1.31 करोड़ टन घरेलू उत्पादन हुआ, जबकि करीब 2.13 करोड़ टन आयात किया गया। यानी देश की एलपीजी जरूरत का 64 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात से पूरा हुआ।

सरकार इन उत्पादन लक्ष्यों की हर छह महीने में समीक्षा करेगी। नई रिफाइनरियों, तेल-गैस क्षेत्रों और तकनीकी सुधारों से बढ़ी क्षमता को भी इसमें शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य भविष्य में विदेशी आपूर्ति बाधित होने पर घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कमी और राशनिंग से बचाना है।

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