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15 जुलाई से लागू होगा भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए साबित हो सकता है गेमचेंजर

भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू होगा। सरकार के अनुसार इससे निर्यात, निवेश, एमएसएमई, किसानों और भारतीय सेवा क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा।

भारत और यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) के बीच हुआ व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) 15 जुलाई 2026 से लागू हो जाएगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बुधवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह समझौता भारत की वैश्विक आर्थिक भागीदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण कदम है।

यह मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) पिछले वर्ष 24 जुलाई को भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और उनके ब्रिटिश समकक्ष जोनाथन रेनॉल्ड्स द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की उपस्थिति में हस्ताक्षरित किया गया था। इसके साथ ही सामाजिक सुरक्षा समझौता, जिसे डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (डीसीसी) कहा जाता है, भी 15 जुलाई से प्रभावी होगा।

पीयूष गोयल ने इस समझौते को भारत के लिए “गेमचेंजर” बताते हुए कहा कि इससे किसानों, युवाओं, उद्यमियों, मछुआरों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) सहित समाज के हर वर्ग को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत भारत अपने 99 प्रतिशत निर्यात को ब्रिटेन में शुल्क-मुक्त (ड्यूटी-फ्री) भेज सकेगा, जिससे भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।

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गोयल ने स्पष्ट किया कि कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समझौता किया गया है। चावल, चीनी, डेयरी और एथेनॉल जैसे उत्पादों पर कोई शुल्क रियायत नहीं दी गई है।

उन्होंने यह भी कहा कि समझौते से कोल्हापुरी चप्पल जैसे भारतीय भौगोलिक संकेतक (जीआई) उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान और संरक्षण मिलेगा। इसके अलावा, ब्रिटेन में कार्यरत भारतीय पेशेवरों को सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलने से सेवा क्षेत्र को भी बड़ा फायदा होगा।

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