ईरान में विरोध प्रदर्शन जारी: चीन ने संयम और संवाद की अपील की, तनाव बरकरार
ईरान में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच चीन ने संवाद और संयम की अपील की, हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद रहा, जबकि अमेरिका, तुर्की और सऊदी अरब ने स्थिति पर चिंता जताई।
ईरान में जारी देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। गुरुवार तड़के (15 जनवरी, 2026) ईरान ने बिना कोई स्पष्ट कारण बताए कई घंटों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को वाणिज्यिक उड़ानों के लिए बंद कर दिया। पायलटों के लिए जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यह बंदी चार घंटे से अधिक समय तक रही। ईरान पूर्व-पश्चिम अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्ग का एक प्रमुख हिस्सा है, जिसके चलते कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों को उत्तर और दक्षिण की ओर मोड़ दिया। बाद में बंदी समाप्त होने के संकेत मिले और सुबह सात बजे के बाद कुछ घरेलू उड़ानें फिर से शुरू हो गईं।
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (14 जनवरी, 2026) को कहा कि उन्हें “विश्वसनीय सूत्रों” से जानकारी मिली है कि ईरान में प्रस्तावित फांसी की योजनाएं फिलहाल रोक दी गई हैं, हालांकि तेहरान ने संकेत दिया है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ त्वरित मुकदमे और सख्त सजा की प्रक्रिया जारी रह सकती है।
आर्थिक संकट और गिरती मुद्रा के विरोध में व्यापारियों की हड़ताल से शुरू हुए ये प्रदर्शन 3 जनवरी, 2026 को हिंसक हो गए और धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गए। एक ईरानी अधिकारी के अनुसार अब तक लगभग 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है।
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इसी बीच चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत कर संयम और संवाद की अपील की। चीन के वांग यी ने कहा कि चीन अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बल प्रयोग या उसकी धमकी का विरोध करता है और उसे विश्वास है कि ईरानी सरकार और जनता कठिन परिस्थितियों से उबरकर राष्ट्रीय स्थिरता बनाए रख सकती है। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को शांति को महत्व देना चाहिए और मतभेदों को बातचीत से सुलझाना चाहिए। बीजिंग ने रचनात्मक भूमिका निभाने की भी इच्छा जताई।
ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान से बातचीत में कहा कि क्षेत्रीय देशों के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप की वैश्विक स्तर पर निंदा जरूरी है। तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने भी कहा कि ईरान में अस्थिरता से बचना प्राथमिकता है और हिंसा किसी समाधान का रास्ता नहीं है।