दिल्ली-एनसीआर में रियल एस्टेट वैल्यू बढ़ाने में मेट्रो, एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट प्रमुख
दिल्ली-एनसीआर में रियल एस्टेट का मूल्य अब लोकेशन से नहीं, बल्कि कनेक्टिविटी, मेट्रो, एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट जैसी बुनियादी सुविधाओं से तय होता है।
नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, गाजियाबाद ने 2025 में NCR रेसिडेंशियल रियल एस्टेट बाजार में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी। आज NCR में रियल एस्टेट का मूल्य केवल लोकेशन से नहीं, बल्कि कनेक्टिविटी और समय की बचत से तय होता है। बेहतर कनेक्टिविटी वाले इलाके अब “केन्द्र” की तरह महसूस होते हैं, और इससे मांग, कीमत और प्रोजेक्ट की बिक्री की गति बढ़ती है।
ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) इस बदलाव का मुख्य आधार बन रहा है। अब इंफ्रास्ट्रक्चर पहले आता है और मांग उसके बाद। मेट्रो नेटवर्क और दिल्ली–मेरठ RRTS जैसे प्रोजेक्ट्स ने NCR में समय की बचत की है। गाजियाबाद में पिछले चार वर्षों में प्रॉपर्टी कीमतें 131 प्रतिशत बढ़ीं।
एक्सप्रेसवे आधारित विकास भी तेज़ी से रियल एस्टेट को प्रभावित कर रहा है। द्वारका एक्सप्रेसवे, नोएडा एक्सप्रेसवे और NH-24 दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे ने लक्ज़री और प्रीमियम रियल एस्टेट में अभूतपूर्व वृद्धि दिखाई है। उदाहरण के लिए, द्वारका एक्सप्रेसवे के 10 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले घरों की बिक्री 2024 में 383 करोड़ रुपये थी, जो 2025 में 8,347 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
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एयरपोर्ट भी लंबे समय में रियल एस्टेट वैल्यू बढ़ाने वाले कारक हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट निवेश, लॉजिस्टिक्स और प्रीमियम रेसिडेंशियल प्रोजेक्ट्स को प्रभावित कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, “NCR में आज कनेक्टिविटी ही खरीदारों का निर्णय तय करती है। NH-24 और गाजियाबाद जैसे क्षेत्र अब दिल्ली के साथ और अधिक जुड़ चुके हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूरे नोएडा–ग्रेटर नोएडा बेल्ट की धारणा बदल रहा है।”
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