मध्य-पूर्व संकट से तेल कंपनियों की चांदी, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से रिकॉर्ड मुनाफा
मध्य-पूर्व संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं, जिससे बड़ी तेल कंपनियों ने भारी मुनाफा कमाया, जबकि उपभोक्ताओं पर महंगे ईंधन का बोझ बढ़ा।
मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष और तेल आपूर्ति में आई बाधाओं ने जहां दुनियाभर के देशों को महंगे ईंधन की समस्या से जूझने पर मजबूर कर दिया है, वहीं कच्चा तेल निर्यात करने वाली कई बड़ी कंपनियों के लिए यह संकट भारी मुनाफे का कारण बन गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि कई प्रमुख तेल कंपनियां इस तिमाही में रिकॉर्ड कमाई दर्ज कर सकती हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण पेट्रोलियम आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ा और उपभोक्ताओं को पेट्रोल, डीजल तथा विमान ईंधन के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ी।
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बढ़े दाम
संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाला समुद्री परिवहन काफी प्रभावित हुआ। यह संकरा समुद्री मार्ग युद्ध से पहले दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का प्रमुख रास्ता था।
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आपूर्ति सीमित होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर कई महीनों तक 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रही। एक समय यह कीमत 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी।
तेल कंपनियों ने कमाया बड़ा मुनाफा
तेल की ऊंची कीमतों का फायदा दुनिया की बड़ी ऊर्जा कंपनियों को मिला। अमेरिका की प्रमुख कंपनियां एक्सॉन मोबिल और शेवरॉन समेत कई कंपनियों ने ऊंची कीमतों पर कच्चा तेल बेचकर भारी लाभ कमाया।
संघर्ष के दौरान पेट्रोल, डीजल और जेट ईंधन की कीमतों में वृद्धि हुई, जिससे आम लोगों की परिवहन लागत बढ़ गई। कई देशों में ईंधन की कमी की स्थिति बनी। ऑस्ट्रेलिया में कुछ जगहों पर ईंधन राशनिंग करनी पड़ी, जबकि नेपाल और श्रीलंका जैसे देशों में ऊर्जा संकट का असर सरकारी कामकाज तक पहुंचा।
छह बड़ी यूरोपीय तेल कंपनियों का मुनाफा बढ़ा
ग्लोबल विटनेस के अनुसार, यूरोप की छह सबसे बड़ी तेल कंपनियों ने पहली तिमाही में करीब 22 अरब अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ कमाया। यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 43 प्रतिशत अधिक था।
ग्लोबल विटनेस के जीवाश्म ईंधन मामलों के प्रमुख पैट्रिक गेले ने कहा कि यह संकट कुछ क्षेत्रों के लिए लाभदायक साबित हुआ, लेकिन आम जनता को बिजली कटौती, ईंधन संकट, खाद्य कीमतों में वृद्धि और आपूर्ति बाधाओं जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
अतिरिक्त मुनाफे पर टैक्स लगाने की मांग
अमेरिका में डेमोक्रेट सांसदों ने बड़ी तेल कंपनियों के अतिरिक्त मुनाफे पर ‘विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स’ लगाने का प्रस्ताव रखा है। रोड आइलैंड के डेमोक्रेट सीनेटर शेल्डन व्हाइटहाउस ने कहा कि असाधारण मुनाफे पर कर लगाकर उसका लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाना चाहिए।
वहीं, खाड़ी देश ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावित करने की स्थिति में वैकल्पिक पाइपलाइन मार्गों के जरिए तेल आपूर्ति जारी रखने की योजना बना रहे हैं।