नोएडा के पार्थला चौक पर बनेगा छह लेन का अंडरपास, एफएनजी कॉरिडोर पर घटेगा ट्रैफिक जाम
नोएडा के व्यस्त पार्थला चौक पर 80 करोड़ रुपये की लागत से छह लेन का अंडरपास बनेगा। परियोजना 18 महीनों में पूरी होगी और यातायात सुगम होने की उम्मीद है।
नोएडा के सबसे व्यस्त यातायात क्षेत्रों में शामिल पार्थला चौक पर जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। नोएडा प्राधिकरण ने फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) कॉरिडोर पर छह लेन का अंडरपास बनाने की योजना तैयार की है। करीब 80 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने के बाद इलाके में लगातार लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रस्तावित अंडरपास की लंबाई करीब 710 मीटर होगी। इसमें दोनों दिशाओं में तीन-तीन लेन होंगी। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य पूरा करने के लिए करीब 18 महीने का समय निर्धारित किया गया है।
कई प्रमुख मार्गों को जोड़ता है पार्थला चौक
पार्थला चौक नोएडा के महत्वपूर्ण यातायात केंद्रों में से एक है। यह सेक्टर 52 और 71 को गौर चौक से जोड़ता है। इसके अलावा एक ओर यह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और दूसरी ओर नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से जुड़ा हुआ है। एफएनजी कॉरिडोर पर यातायात बढ़ने के कारण यहां पीक आवर्स में जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।
और पढ़ें: उदयपुर के फाइव स्टार होटल में 10 दिन ठहरा दिल्ली का पर्यटक, 5.74 लाख रुपये का बिल चुकाए बिना निकला
कई बार यातायात पुलिस को वाहनों को रोककर यातायात नियंत्रित करना पड़ता है। प्राधिकरण का मानना है कि अंडरपास बनने से एफएनजी कॉरिडोर पर वाहनों की आवाजाही बिना रुकावट जारी रह सकेगी और पार्थला चौक पर जाम कम होगा।
नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक ए.के. अरोड़ा के अनुसार, अंडरपास से यातायात प्रवाह बेहतर होगा और वाहनों के रुकने का समय कम होगा।
जलभराव रोकने की भी व्यवस्था
अंडरपास का निर्माण डायफ्राम वॉल तकनीक और आरसीसी निर्माण पद्धति से किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, खुदाई के दौरान आसपास की जमीन और मौजूदा बुनियादी ढांचे को स्थिर रखने में यह तकनीक मदद करेगी।
मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अंडरपास में दो संप और पंपिंग सिस्टम लगाए जाएंगे।
परियोजना में दोनों ओर 110 मीटर लंबा आरसीसी बॉक्स, 20 मीटर का खुला हिस्सा और दोनों तरफ 280 मीटर लंबी एप्रोच रोड शामिल होगी।
अधिकारियों का कहना है कि परियोजना से यात्रा का समय घटेगा, सड़क की क्षमता बढ़ेगी और सुरक्षा बेहतर होगी। सेक्टर 119, 120, 121, 122, छजारसी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।