गोल्डमैन सैक्स ने बढ़ाया पेटीएम का टारगेट, फिर भी शेयर 10% तक लुढ़का
गोल्डमैन सैक्स द्वारा पेटीएम का टारगेट बढ़ाने के बावजूद शेयर 10 प्रतिशत तक गिरा। आरबीआई ने बैंकिंग लाइसेंस रद्द होने के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक को अनुसूचित बैंकों की सूची से हटाया।
पेटीएम के शेयरों में गुरुवार को भारी गिरावट देखने को मिली। गोल्डमैन सैक्स द्वारा कंपनी के शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाए जाने के बावजूद पेटीएम का शेयर कारोबार के दौरान करीब 10 प्रतिशत तक टूट गया। बीएसई पर शेयर 1,670 रुपये पर खुला, जो पिछले बंद भाव 1,734 रुपये से 3.69 प्रतिशत नीचे था। बिकवाली बढ़ने पर शेयर 10 प्रतिशत के निचले सर्किट के साथ 1,560.60 रुपये तक पहुंच गया।
बाद में शेयर में कुछ सुधार हुआ और यह 1,647.20 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया। इस स्तर पर शेयर 106.80 रुपये यानी 6.16 प्रतिशत नीचे था। कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 1.04 लाख करोड़ रुपये रहा।
लगातार तीन कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद पेटीएम के शेयर में गिरावट आई। यह अपने क्षेत्र से करीब 6.4 प्रतिशत कमजोर रहा। शेयर में इंट्राडे उतार-चढ़ाव भी काफी अधिक रहा। तकनीकी स्तर पर शेयर 100 दिन और 200 दिन के मूविंग एवरेज से ऊपर, लेकिन 5 दिन, 20 दिन और 50 दिन के मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा था।
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शेयर का प्रदर्शन
बीएसई एनालिटिक्स के अनुसार, पेटीएम के शेयर ने तीन वर्षों में 76.61 प्रतिशत और दो वर्षों में 117.46 प्रतिशत रिटर्न दिया है। चालू वर्ष में शेयर 26.89 प्रतिशत ऊपर है, जबकि बेंचमार्क इंडेक्स में 15.22 प्रतिशत की गिरावट आई है। हालांकि, पिछले दो सप्ताह में शेयर 5.10 प्रतिशत नीचे आया है।
पेटीएम के शेयर का 52 सप्ताह का उच्च स्तर 1,856.50 रुपये और निचला स्तर 947.10 रुपये रहा है।
पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर आरबीआई की कार्रवाई
इस बीच, भारतीय रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड यानी पीपीबीएल को मान्यता प्राप्त अनुसूचित बैंकों की सूची से हटा दिया है। यह कार्रवाई बैंकिंग लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद हुई है। पीपीबीएल, विजय शेखर शर्मा द्वारा प्रवर्तित फिनटेक कंपनी पेटीएम की सहयोगी कंपनी है।
आरबीआई ने अप्रैल में नियमों का पालन नहीं करने के कारण पीपीबीएल का बैंकिंग लाइसेंस रद्द किया था। केंद्रीय बैंक ने कहा था कि बैंक के कामकाज से जमाकर्ताओं के हित प्रभावित हो रहे थे। बाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने पीपीबीएल को बंद करने का आदेश दिया।
आरबीआई ने अपने बयान में कहा कि पीपीबीएल को भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची से बाहर कर दिया गया है।
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