वनडे क्रिकेट के भविष्य पर अश्विन ने जताई शंका, बोले- टी20 क्रिकेट लंबे समय तक रहेगा
रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि टी20 क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित है और यही खेल को वैश्विक बनाएगा, जबकि वनडे क्रिकेट के भविष्य को लेकर उन्होंने अनिश्चितता जताई।
भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने वनडे क्रिकेट के भविष्य को लेकर चिंता जताई है। उनका मानना है कि टी20 क्रिकेट आने वाले वर्षों में खेल का सबसे प्रभावशाली प्रारूप बना रहेगा, जबकि 50 ओवर के क्रिकेट के भविष्य को लेकर वह पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं।
अश्विन ने यह टिप्पणी यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) के पहले सीजन में डबलिन गार्जियंस के कप्तान और कोच बनने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान की। उनसे पूछा गया था कि क्या उभरते क्रिकेट देशों को केवल टी20 क्रिकेट पर ध्यान देना चाहिए।
इस पर अश्विन ने कहा कि किसी भी प्रारूप में सफल होने के लिए खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना आना चाहिए। उन्होंने कहा, "क्रिकेट में हर दिन सीखना और परिस्थितियों के अनुसार खुद को बदलना सबसे महत्वपूर्ण है। इस खेल का मूल मंत्र ही अनुकूलन (एडाप्टेशन) है।"
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उन्होंने हाल ही में आयरलैंड के खिलाफ भारत की टी20 सीरीज हार का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय टीम वहां की परिस्थितियों के अनुसार अपने खेल में बदलाव नहीं कर सकी। उनके मुताबिक, छोटे प्रारूप में परिस्थितियां मैच का रुख पूरी तरह बदल सकती हैं और खिलाड़ियों को लगातार अपने खेल में सुधार करना पड़ता है।
अश्विन ने कहा कि यदि क्रिकेट को दुनिया भर में और अधिक लोकप्रिय बनाना है तथा ओलंपिक जैसे वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान दिलानी है, तो टी20 प्रारूप सबसे उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि कम समय में समाप्त होने वाला यह प्रारूप नए देशों में क्रिकेट के विस्तार के लिए अधिक व्यावहारिक साबित होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि फ्रेंचाइजी लीगों के बढ़ते प्रभाव से दुनिया भर के खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर खेलने के अवसर मिलेंगे और खेल का दायरा और व्यापक होगा।
अपने बयान के अंत में अश्विन ने स्पष्ट कहा, "टी20 क्रिकेट लंबे समय तक रहने वाला है, लेकिन वनडे क्रिकेट के भविष्य को लेकर मैं पूरी तरह आश्वस्त नहीं हूं।"
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