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रूसी क्षेत्र तातारस्तान में यूक्रेनी ड्रोन हमला, 12 लोगों की मौत और कई घायल

रूस के तातारस्तान क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन हमले में 12 लोगों की मौत और 39 लोग घायल हुए। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, दोनों देशों के लंबी दूरी के हमले बढ़े हैं।

रूस के मध्य क्षेत्र तातारस्तान में यूक्रेन के ड्रोन हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 39 लोग घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि चार साल से अधिक समय से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध में यह कीव के सबसे घातक एकल हमलों में से एक है। यूक्रेन ने बयान जारी कर बताया कि निझनेकाम्स्क शहर में हुए ड्रोन हमले में 12 लोगों की मौत हुई है, जबकि 39 लोग घायल हुए हैं।

रूस के औद्योगिक शहर निझनेकाम्स्क के पास एक तेल संयंत्र के ऊपर काले धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, तातारस्तान यूक्रेन की सीमा से 1,000 किलोमीटर से अधिक दूर है। यह क्षेत्र ऊर्जा संसाधनों से समृद्ध है और यहां कई बड़े तेल शोधन संयंत्र हैं। यूक्रेन जवाबी हमलों के तहत इन प्रतिष्ठानों को निशाना बनाता रहा है।

लंबी दूरी के हमले बढ़े, नागरिकों की मौत में इजाफा

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इस वर्ष रूस और यूक्रेन दोनों ने लंबी दूरी के हमले तेज किए हैं, जिसके कारण नागरिकों की मौतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसी बीच, यूक्रेन के उत्तर-पूर्वी खारकीव क्षेत्र में रूस के एक तोपखाने हमले में पांच लोगों की मौत हो गई। स्थानीय यूक्रेनी अधिकारी के अनुसार, यह हमला अग्रिम मोर्चे के पास स्थित बुगाइवका गांव में हुआ। क्षेत्रीय अभियोजक कार्यालय ने बताया कि 10 अगस्त को रूसी सेना ने गांव के आवासीय इलाके पर भारी तोपखाना हमला किया, जिसमें कई मकान नष्ट हो गए और पांच लोगों की मौत हुई।

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यूक्रेन में पैट्रियट मिसाइलों का उत्पादन चाहते हैं जेलेंस्की

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की कई महीनों से अमेरिका समेत अन्य देशों से अधिक पैट्रियट वायु रक्षा प्रणालियां देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए ये प्रणालियां बेहद महत्वपूर्ण हैं। ईरान युद्ध के कारण इनकी उपलब्धता कम हुई है।

जेलेंस्की चाहते हैं कि जरूरत पड़ने पर यूक्रेन में पैट्रियट मिसाइलों का उत्पादन किया जाए। उन्होंने एलन मस्क से रूस के भीतर मिसाइल प्रक्षेपण स्थलों को निशाना बनाने में स्टारलिंक उपग्रह संचार प्रणाली के इस्तेमाल की अनुमति देने की संभावना पर भी जोर दिया है।

इस बीच, कीव ने रूस के ऊर्जा ढांचे और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर लंबी दूरी के ड्रोन हमले जारी रखे हैं। इन हमलों के कारण रूस में ईंधन संकट की स्थिति भी पैदा हुई है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि रविवार रात उसके हमलों में खारकीव क्षेत्र के ड्रोन भंडार तथा ओडेसा बंदरगाह पर यूक्रेनी सेना के ईंधन डिपो और अन्य सैन्य सामग्री के भंडार को निशाना बनाया गया।

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