केंद्रीय बजट 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण की प्रमुख घोषणाएं
केंद्रीय बजट 2026 में सेमीकंडक्टर मिशन, एमएसएमई समर्थन, बुनियादी ढांचे पर जोर, करदाताओं को राहत और राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रखने की घोषणा की गई।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में अपना नौवां लगातार केंद्रीय बजट पेश किया। यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार था जब केंद्रीय बजट रविवार के दिन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने पारंपरिक ‘बही-खाता’ शैली के कवर में रखे डिजिटल टैबलेट के माध्यम से बजट भाषण दिया। बजट 2026 में सेमीकंडक्टर, बुनियादी ढांचे, कृषि, बैंकिंग और कर सुधारों से जुड़े कई अहम ऐलान किए गए।
अपने भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि 2014 के बाद भारत की आर्थिक यात्रा स्थिरता, वित्तीय अनुशासन और सतत विकास से परिभाषित रही है। आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखते हुए सरकार ने घरेलू विनिर्माण को मजबूत किया, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की और महत्वपूर्ण आयात निर्भरता को कम किया। इन प्रयासों से लगभग 7 प्रतिशत की विकास दर हासिल हुई और गरीबी में उल्लेखनीय कमी आई।
बजट की प्रमुख घोषणाओं में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की शुरुआत शामिल है, जिसके लिए 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य उद्योग-आधारित शोध, उन्नत प्रशिक्षण केंद्रों और वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ सहयोग को बढ़ाना है। ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज संपन्न राज्यों को कच्चे माल की आपूर्ति मजबूत करने के लिए विशेष सहायता दी जाएगी।
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बुनियादी ढांचे को विकास का मुख्य इंजन बताते हुए सरकार ने पूंजीगत व्यय में लगभग 9 प्रतिशत की वृद्धि कर इसे 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिनमें मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद और हैदराबाद–बेंगलुरु जैसे मार्ग शामिल हैं।
एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का फंड बनाने की घोषणा की गई है। साथ ही मेगा टेक्सटाइल पार्क, हर जिले में एक बालिका छात्रावास, आयुष फार्मेसियों के उन्नयन और पशु चिकित्सा संस्थानों के लिए सब्सिडी योजनाओं का भी ऐलान किया गया।
करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा 31 मार्च तक बढ़ाई गई है। सरकार ने 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है, जो वित्तीय अनुशासन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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