उत्तर प्रदेश में बारिश का कहर, 56 लोगों की मौत; कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात
उत्तर प्रदेश में लगातार भारी बारिश से 56 लोगों की मौत और 46 लोग घायल हुए हैं। 63 जिले प्रभावित हैं, जबकि कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बना है।
उत्तर प्रदेश में शुक्रवार से जारी भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राहत आयुक्त कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, 25 सितंबर से 27 सितंबर की सुबह तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 56 लोगों की मौत हुई और 46 लोग घायल हुए हैं।
सीतापुर में सबसे ज्यादा मौतें
बारिश से सबसे ज्यादा मौतें सीतापुर में सात हुई हैं। इसके बाद लखीमपुर खीरी, बहराइच और बलरामपुर में पांच-पांच लोगों की जान गई। अयोध्या और गोरखपुर में चार-चार मौतें दर्ज की गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बारिश के कारण 1,021 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
राज्य के 63 जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है। रविवार को समाप्त हुए पिछले 24 घंटों में 45.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 1.8 मिलीमीटर रहती है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के बाद स्थिति में सुधार की संभावना है।
कई जिलों में बाढ़ का खतरा
20 से अधिक जिले अभी भी भारी बारिश की चेतावनी के दायरे में हैं। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, घाघरा और राप्ती नदियों का जलस्तर कई निगरानी केंद्रों पर बढ़ रहा है। इससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
राजधानी लखनऊ के पुराने शहर स्थित हुसैनाबाद इलाके में तेज बारिश के दौरान एक ऐतिहासिक गेट का हिस्सा ढह गया। हालांकि, घटना के समय आसपास कम लोग थे, इसलिए कोई घायल नहीं हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित हिस्से में बैरिकेडिंग कर दी। लखनऊ में ही केकेसी के पास एक पेड़ कार पर गिर गया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। बरेली के बारादरी मॉडल टाउन में भी पेड़ गिरने की घटना सामने आई।
नेपाल सीमा से सटे जिलों में विशेष निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बचाव दलों को अलर्ट रहने और जिलाधिकारियों को प्रभावित इलाकों में पहुंचकर तत्काल सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
कानपुर में कई इलाकों में जलभराव है। वहीं गोरखपुर में तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की स्थिति उजागर कर दी। कई सड़कें और बाजार पानी में डूब गए तथा कुछ इलाकों में घरों और दुकानों में भी पानी घुस गया।