WEF 2026: दावोस में केंद्रीय मंत्री वैष्णव बोले—भारत निश्चित रूप से बनेगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
WEF दावोस में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने कहा कि भारत अगले कुछ वर्षों में, संभवतः 2028 तक, दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
विश्व आर्थिक मंच (WEF) की 2026 की वार्षिक बैठक में दावोस में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भरोसा जताया कि आने वाले कुछ वर्षों में भारत निश्चित रूप से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। इस सत्र में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने भी कहा कि मौजूदा अनुमानों के आधार पर भारत 2028 तक, या इससे भी पहले, यह उपलब्धि हासिल कर सकता है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता अमीर देशों में बढ़ते वैश्विक कर्ज का पहाड़ है। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में भारत में व्यापक और सुनियोजित परिवर्तन हुए हैं, जिनका क्रियान्वयन स्पष्ट रणनीति के साथ किया गया है।
उन्होंने भारत की विकास रणनीति को चार स्तंभों पर आधारित बताया—भौतिक, डिजिटल और सामाजिक अवसंरचना में सार्वजनिक निवेश; समावेशी विकास ताकि समाज का हर वर्ग आगे बढ़े; विनिर्माण और नवाचार; और प्रक्रियाओं का सरलीकरण। वैष्णव के अनुसार, इन सभी प्रयासों के चलते अगले पांच वर्षों में भारत 6–8% की वास्तविक वृद्धि, 2–4% की नियंत्रित महंगाई और 10–13% की नाममात्र वृद्धि दर्ज करेगा।
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गीता गोपीनाथ ने कहा कि भारत के लिए चुनौती तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना नहीं, बल्कि प्रति व्यक्ति आय को तेज़ी से बढ़ाना है। उन्होंने बुनियादी ढांचे, कर सुधारों और डिजिटल प्रगति की सराहना की, लेकिन भूमि अधिग्रहण, न्यायिक सुधार और श्रम बाज़ार में लचीलापन बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
उद्योगपति सुनील भारती मित्तल ने कहा कि भारत आज मजबूत स्थिति में है और स्थिर सरकार, अनुकूल कारोबारी माहौल और बड़े घरेलू बाज़ार के चलते तेज़ी से आगे बढ़ेगा। हालांकि, वैश्विक प्रतिस्पर्धा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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