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पश्चिम बंगाल में बड़ा सियासी घटनाक्रम, ममता बनर्जी ने TMC के 7 बड़े नेताओं को पार्टी से निकाला

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने बड़ा कदम उठाते हुए टीएमसी के सात वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है, जिससे पार्टी में अंदरूनी संकट और गहरा गया है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा भूचाल आया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए सात वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई कथित तौर पर ऋतब्रत बनर्जी की एक गोपनीय बैठक में शामिल होने के बाद की गई है।

सूत्रों के अनुसार, सोमवार को हुई इस “सीक्रेट मीटिंग” में शामिल नेताओं को पहले कारण बताओ नोटिस (शोकॉज) जारी किया गया था। इसके बाद आज पार्टी नेतृत्व ने सख्त कदम उठाते हुए सभी को पार्टी से बाहर कर दिया।

निष्कासित नेताओं में कई बड़े नाम शामिल हैं, जिनमें फिरहाद हकीम, अरूप रॉय, जावेद खान, रथिन घोष, सबीना यास्मीन, अरूप बिस्वास और बिप्लब मित्रा प्रमुख हैं।

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पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में टीएमसी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा था। पश्चिम बंगाल चुनाव में पार्टी को मिली कथित हार के बाद से कई विधायक और सांसद नेतृत्व के खिलाफ खुलकर सामने आ गए थे।

इसके अलावा, कोलकाता नगर निगम के लगभग 70 पार्षदों की भी ऋतब्रत बनर्जी के साथ बैठक की खबर सामने आई थी। इनमें से करीब 50 पार्षद कोलकाता नगर निगम से जुड़े बताए जा रहे हैं, जबकि बाकी पार्षद विभिन्न जिलों से हैं।

बताया जा रहा है कि इससे पहले भी वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम ने राज्य विधानसभा में ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा के साथ बंद कमरे में बैठक की थी। फिरहाद हकीम को ममता बनर्जी का बेहद करीबी और भरोसेमंद नेता माना जाता रहा है।

इस घटनाक्रम ने टीएमसी के भीतर गहराते मतभेदों को और उजागर कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्रवाई पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को और तेज कर सकती है।

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