अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया, भावुक संदेश में प्रशंसकों का जताया आभार
भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने 38 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। उन्होंने अपने शानदार करियर, प्रशंसकों और भारतीय टीम के साथ सफर को याद किया।
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। 38 वर्षीय रहाणे ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम देने का ऐलान किया। उन्होंने अपने सफर, भारतीय टीम के लिए खेलने के अनुभव और प्रशंसकों के समर्थन को याद किया।
रहाणे ने संदेश में कहा कि जीवन में हर चीज की शुरुआत और अंत होता है और सही समय आने पर उसे स्वीकार कर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी में हमेशा समय की अहमियत को समझा है और अब उन्हें लगता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से आगे बढ़ने का सही समय आ गया है।
उन्होंने कहा, "जीवन की सच्चाई यह है कि हर चीज की एक शुरुआत और एक अंत होता है। जब समय आता है तो हमें उसका सम्मान करना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए। मैंने हमेशा अपनी बल्लेबाजी में समय के महत्व को समझा है। आज मुझे लगता है कि मेरे लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का सही समय है।"
रहाणे ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे वह एक युवा खिलाड़ी के रूप में डोंबिवली से अभ्यास के लिए यात्रा करते थे और उन्होंने क्रिकेट को अपना सब कुछ दिया।
अजिंक्य रहाणे भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। उन्होंने अपने करियर में 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। कुल 195 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उन्होंने 8,414 रन बनाए, जिसमें टेस्ट क्रिकेट में उनके 5,077 रन शामिल हैं।
रहाणे ने आईपीएल में भी शानदार योगदान दिया और छह अलग-अलग फ्रेंचाइजी के लिए 212 मुकाबले खेले। वर्ष 2013 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने के बाद उन्होंने खुद को टीम के मध्यक्रम के अहम बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया।
विशेष रूप से विदेशी परिस्थितियों में उनका प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। उनके 12 टेस्ट शतकों में से आठ शतक उन्होंने भारत के बाहर बनाए। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की ऐतिहासिक जीत में रहाणे की कप्तानी और बल्लेबाजी को हमेशा याद किया जाएगा।