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ओडिशा को मिली पहली महिला मुख्य सचिव, बीजेडी और भाजपा दोनों सरकारों का भरोसा जीत चुकी हैं अनु गर्ग

1991 बैच की आईएएस अधिकारी अनु गर्ग को ओडिशा की पहली महिला मुख्य सचिव नियुक्त किया गया। वह 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो रहे मनोज आहूजा की जगह लेंगी।

ओडिशा को अपने प्रशासनिक इतिहास में पहली बार महिला मुख्य सचिव मिली है। राज्य की मोहन माझी सरकार ने बुधवार को 1991 बैच की आईएएस अधिकारी अनु गर्ग को इस सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर नियुक्त किया। वह 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो रहे मौजूदा मुख्य सचिव मनोज आहूजा का स्थान लेंगी।

56 वर्षीय अनु गर्ग वर्तमान में राज्य की विकास आयुक्त (डेवलपमेंट कमिश्नर-DC) के रूप में कार्यरत हैं और उन्हें ओडिशा की नौकरशाही में दूसरे सबसे वरिष्ठ अधिकारी के तौर पर देखा जाता है। उनके पास प्रशासनिक अनुभव का लंबा रिकॉर्ड है और उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदार पदों पर काम किया है।

अनु गर्ग को एक ऐसी नौकरशाह माना जाता है, जिन्होंने बीजू जनता दल (BJD) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) — दोनों की सरकारों का भरोसा जीता। राजनीतिक बदलावों के बावजूद उनकी प्रशासनिक क्षमता, निष्पक्षता और निर्णय लेने की दक्षता की हमेशा सराहना की गई है। यही कारण है कि सत्ता परिवर्तन के बाद भी उन्हें शीर्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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मुख्य सचिव के रूप में उनकी नियुक्ति को राज्य प्रशासन में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। यह न केवल महिला नेतृत्व को बढ़ावा देता है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में निरंतरता और स्थिरता का भी संकेत देता है। विकास आयुक्त के रूप में रहते हुए अनु गर्ग ने कई अहम विकास परियोजनाओं, योजना क्रियान्वयन और प्रशासनिक सुधारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उनकी नियुक्ति से यह उम्मीद की जा रही है कि राज्य में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और शासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। ओडिशा में महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी इसे एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक साबित हो सकता है।

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