एपीईआरसी ने ₹4,498 करोड़ के ट्रू-अप शुल्क को मंजूरी दी
एपीईआरसी ने ₹4,498 करोड़ के ट्रू-अप शुल्क को मंजूरी दी, लेकिन उपभोक्ताओं पर बोझ न डालते हुए डिस्कॉम्स को यह राशि राज्य सरकार से वसूलने का निर्देश दिया।
आंध्र प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (APERC) ने वित्त वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक की खुदरा बिजली आपूर्ति से जुड़े ट्रू-अप शुल्क के रूप में कुल ₹4,498 करोड़ की शुद्ध राशि को मंजूरी दे दी है। यह राशि राज्य की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम्स) द्वारा प्रस्तावित की गई थी। हालांकि, आयोग ने यह स्पष्ट निर्देश दिया है कि डिस्कॉम्स इस स्वीकृत राशि की वसूली उपभोक्ताओं से नहीं, बल्कि राज्य सरकार से करें।
आयोग ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया कि तीनों डिस्कॉम्स ने कुल ₹5,933 करोड़ के ट्रू-अप शुल्क का प्रस्ताव रखा था। लेकिन आयोग के पूर्व आदेशों में पहले से किए गए ₹1,435 करोड़ के समायोजन के बाद, शुद्ध स्वीकृत राशि घटकर ₹4,498 करोड़ रह गई। इस तरह आयोग ने प्रस्तावित मांग में उल्लेखनीय कटौती करते हुए अंतिम आंकड़ा तय किया।
APERC ने कहा कि राज्य सरकार पहले ही यह आश्वासन दे चुकी है कि वह ट्रू-अप की यह पूरी राशि खुद वहन करेगी, ताकि आम बिजली उपभोक्ताओं पर किसी प्रकार का अतिरिक्त बोझ न पड़े। यह फैसला सरकार की उस नीति के अनुरूप है, जिसमें बिजली दरों में बढ़ोतरी न करने और जनता को राहत देने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है।
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आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि सरकार ने उपभोक्ताओं को बिजली दरों में वृद्धि से बचाने का वादा किया है, इसलिए डिस्कॉम्स को स्वीकृत ट्रू-अप राशि की भरपाई सीधे राज्य सरकार से ही करनी होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बिजली आपूर्ति कंपनियों की वित्तीय स्थिति संतुलित बनी रहे, जबकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की असुविधा या आर्थिक दबाव का सामना न करना पड़े।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, यह फैसला राज्य के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि इससे आने वाले समय में बिजली बिल बढ़ने की आशंका कम हो गई है। साथ ही, इससे डिस्कॉम्स को भी अपने पुराने वित्तीय घाटे की भरपाई का रास्ता साफ हो गया है।
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