पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी की बड़ी वापसी, 29 लोकसभा सीटों पर बढ़त
पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी ने शानदार वापसी करते हुए 207 सीटें जीतीं और 29 लोकसभा क्षेत्रों में बढ़त बनाई। टीएमसी को बड़ा नुकसान हुआ है।
पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है। पार्टी ने 207 सीटों पर जीत दर्ज की और 45.84 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया। वहीं, 15 वर्षों से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को करारी हार का सामना करना पड़ा और वह 80 सीटों पर सिमट गई, उसका वोट शेयर 40.80 प्रतिशत रहा।
चुनाव परिणामों के अनुसार, भाजपा ने राज्य के कई क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन किया है। खासकर उत्तर बंगाल और जंगलमहल क्षेत्रों में पार्टी ने भारी बढ़त हासिल की। वहीं दक्षिण बंगाल और कोलकाता जैसे टीएमसी के गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों में भी भाजपा ने बड़ी सेंध लगाई है।
कोलकाता क्षेत्र में भाजपा ने बड़ा राजनीतिक उलटफेर करते हुए छह सीटों पर जीत दर्ज की, जिसमें भवानीपुर सीट भी शामिल है जहां ममता बनर्जी को हार का सामना करना पड़ा। यह सीट पहले टीएमसी का मजबूत गढ़ मानी जाती थी।
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रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा अब राज्य की 42 लोकसभा सीटों में से 29 पर बढ़त बनाए हुए है। पार्टी ने उत्तर बंगाल, जंगलमहल और कई दक्षिण बंगाल क्षेत्रों में मजबूत पकड़ बनाई है। कई लोकसभा सीटों पर भाजपा को लाखों वोटों की बढ़त मिली है।
बहरमपुर सीट इस चुनाव की सबसे बड़ी सरप्राइज बनी, जहां भाजपा ने टीएमसी को 86,187 वोटों से पीछे छोड़ दिया। यहां कांग्रेस और अन्य दलों के वोटों के बंटवारे ने भी टीएमसी को नुकसान पहुंचाया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाया है। टीएमसी के कई मजबूत माने जाने वाले जिलों में भी भाजपा ने सेंध लगाकर अपनी उपस्थिति मजबूत की है।
कुल मिलाकर, यह चुनाव पश्चिम बंगाल में सत्ता संतुलन बदलने वाला साबित हुआ है और आने वाले लोकसभा चुनावों के लिए भी इसके बड़े राजनीतिक संकेत माने जा रहे हैं।
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