बेंगलुरु में दिव्यांग होने का नाटक कर भीख मांगने वाला पकड़ा गया, डंडा दिखाने पर सीधा चलने लगा
बेंगलुरु में स्थानीय लोगों ने दिव्यांग होने का नाटक कर भीख मांगने वाले व्यक्ति का पर्दाफाश किया। पुलिस ने उसे पुनर्वास केंद्र भेज दिया है।
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां स्थानीय लोगों ने एक ऐसे व्यक्ति का पर्दाफाश किया, जो कथित तौर पर शारीरिक रूप से दिव्यांग होने का नाटक कर भीख मांग रहा था।
मामला बेंगलुरु के आईटीआई लेआउट इलाके का है। बेटरायनपुरा पुलिस के अनुसार, आरोपी व्यक्ति की पहचान उत्तर प्रदेश निवासी मुकेश के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि मुकेश करीब एक सप्ताह पहले बेंगलुरु आया था और कथित रूप से लोगों की सहानुभूति हासिल करने के लिए खुद को दिव्यांग बताकर भीख मांग रहा था।
स्थानीय लोगों को उस समय शक हुआ जब उन्होंने उसे कई बार सामान्य तरीके से खड़े होते और चलते हुए देखा। इसके बाद लोगों ने उस पर नजर रखनी शुरू की और मंगलवार को उससे पूछताछ की।
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मुकेश से सामान्य तरीके से चलने को कहा गया। जब वह पहले की तरह अभिनय करता रहा, तो एक स्थानीय व्यक्ति ने उसे डांटा और डंडा दिखाकर डराया। इसके बाद मुकेश अचानक सीधा खड़ा हो गया और सामान्य तरीके से चलने लगा।
कुछ लोगों ने मुकेश पर मोबाइल फोन चोरी का आरोप लगाया लेकिन पुलिस जांच में अब तक चोरी से संबंधित कोई सबूत नहीं मिला है। पुलिस ने बताया कि उसके पास से केवल 150 रुपये नकद और एक बैग मिला, जिसमें एक खाली फाइल थी।
पुलिस ने बताया कि मुकेश के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया है। जांच के बाद उसे सुमनहल्ली स्थित भिखारियों के पुनर्वास केंद्र भेज दिया गया है। वहां अधिकारी उसकी पहचान और अन्य जानकारी की पुष्टि करेंगे। इसके बाद उसे उसके गृह राज्य उत्तर प्रदेश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगाने से पहले तथ्यों की पुष्टि जरूर करें।
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