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NEET Paper लीक जांच: पेपर खरीदने वाले माता-पिता से CBI ने पूछताछ की, किसने दी 5 से 10 लाख रुपये की राशि

NEET Paper लीक मामले में CBI ने उन माता-पिता से पूछताछ की, जिन्होंने कथित रूप से अपने बच्चों के लिए 5 से 10 लाख रुपये में पेपर खरीदे।

नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए उन माता-पिता से पूछताछ की, जिन्होंने कथित रूप से अपने बच्चों के लिए लीक पेपर खरीदे। महाराष्ट्र के नांदेड की कुछ पारिवारिकाएं इस मामले में जांच के दायरे में हैं। आरोप है कि पेपर खरीदने में 5 से 10 लाख रुपये का भुगतान किया गया।

जांच अधिकारियों के अनुसार, मुख्य साजिशकर्ता पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंडहरे दोनों प्रसिद्ध शिक्षक हैं। कोचिंग क्षेत्र में इनके लंबे अनुभव ने उन्हें व्यापक छात्र डेटाबेस तक पहुँच प्रदान की, जो लीक पेपर के प्रसार में अहम भूमिका निभा रहा है। CBI फिलहाल यह पता लगा रही है कि लीक कितनी दूर तक फैला, विशेषकर महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में हुए गिरफ्तारियों से जुड़े नेटवर्क के माध्यम से।

प्रारंभिक सुरागों पर काम करते हुए, CBI टीमें नासिक, लातूर, बीड़, अहिल्यनगर, पुणे सहित राज्य के प्रमुख कोचिंग हब में छापेमारी और पूछताछ कर रही हैं। जांचकर्ता छात्रों को पेपर पहले से उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क, भुगतान चैनल और संचार ट्रेल्स की भी पड़ताल कर रहे हैं।

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नांदेड की एक परिवार से लगभग आठ घंटे तक पूछताछ की गई, क्योंकि आरोप है कि उन्होंने अपने बच्चों के लिए लीक पेपर खरीदा। इसके अलावा आठ अलग-अलग CBI टीमें विद्युत नगर क्षेत्र में जाकर कई परिवारों से पूछताछ कर चुकी हैं।

साथ ही, रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC), लातूर में CBI ने तलाशी अभियान चलाया। RCC के संस्थापक शिवराज मोटेगांवकर से उनके निवास पर आठ घंटे तक पूछताछ की गई।

CBI का कहना है कि जो माता-पिता जानबूझकर पेपर खरीदने में शामिल थे, वे अब पूरी तरह रडार पर हैं और आगे गिरफ्तारी की संभावना है।

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