सीजेपी प्रदर्शन में तनाव: 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल, कई पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त; जंतर-मंतर से प्रदर्शनकारी हटाए गए
सीजेपी के चलो संसद मार्च के दौरान दिल्ली में तनाव बढ़ गया। पुलिस के अनुसार 50 से अधिक जवान घायल हुए और कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटाया गया।
कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) के “चलो संसद” मार्च के दौरान सोमवार को दिल्ली में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान 50 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि कई पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचा है। इसके बाद सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया।
प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें संसद मार्ग थाना क्षेत्र के पास रोक दिया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद हालात बिगड़ गए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग किया।
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मध्य दिल्ली में भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। नई दिल्ली जिले में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और आसपास के जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संसद सत्र शुरू होने के कारण पहले से ही संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी थी। प्रदर्शनकारियों को संसद भवन की ओर जाने से रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेड लगाए गए थे।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में संगठन 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहा है। संगठन की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। सीजेपी का आरोप है कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के लिए शिक्षा मंत्रालय जिम्मेदार है।
प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में सुधार और प्रभावित छात्रों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। संगठन ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन “चलो संसद” मार्च का आह्वान किया था।
पुलिस ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई। वहीं, सीजेपी नेताओं का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखेंगे।
फिलहाल दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। संवेदनशील स्थानों और सरकारी इमारतों के आसपास अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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