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परिसीमन विधेयक का विरोध करेगी कांग्रेस, विपक्षी दलों को एकजुट करने की तैयारी शुरू

कांग्रेस ने मानसून सत्र में परिसीमन विधेयक सहित कई प्रस्तावित विधेयकों का विरोध करने का फैसला किया है। पार्टी विपक्षी दलों को एकजुट कर सरकार के खिलाफ साझा रणनीति बनाएगी।

संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक का पुरजोर विरोध करने का फैसला किया है। पार्टी ने इस मुद्दे पर सभी समान विचारधारा वाले विपक्षी दलों को साथ लाने और साझा रणनीति बनाने की भी घोषणा की है।

गुरुवार को कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के 10 जनपथ स्थित आवास पर हुई बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने आगामी मानसून सत्र की रणनीति पर चर्चा की।

बैठक में निर्णय लिया गया कि कांग्रेस न केवल परिसीमन विधेयक का विरोध करेगी, बल्कि सांसदों, विधायकों, मुख्यमंत्रियों और प्रधानमंत्री के कार्यकाल को एक साथ करने से जुड़े प्रस्तावित विधेयक का भी विरोध करेगी। इसके अलावा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 में प्रस्तावित संशोधनों के खिलाफ भी पार्टी संसद में आवाज उठाएगी। कांग्रेस का कहना है कि इसी कानून के आधार पर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना लागू की गई थी और इसमें किसी भी बदलाव का विरोध किया जाएगा।

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कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बैठक के बाद कहा कि पार्टी को जानकारी मिली है कि केंद्र सरकार मानसून सत्र में परिसीमन विधेयक दोबारा ला सकती है। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल को सरकार इस विधेयक पर आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में असफल रही थी और अब इसे फिर से पेश करने की तैयारी की जा रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस विधेयक का पहले भी विरोध करती रही है और आगे भी करती रहेगी। साथ ही पार्टी विपक्षी एकता बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।

जयराम रमेश ने बताया कि बैठक में 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' प्रस्ताव, एफसीआरए संशोधन विधेयक, न्यायाधीशों को हटाने से जुड़े प्रस्तावित संविधान संशोधन तथा विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस ने इन सभी प्रस्तावों का विरोध करने का संकेत दिया है।

वहीं, विपक्ष मानसून सत्र में नीट पेपर लीक, अयोध्या राम मंदिर दान घोटाले के आरोप, बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा।

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