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नाबालिग से गैंगरेप के बाद दिल्ली में बसों के लिए नए सुरक्षा नियम, पैनिक बटन और ट्रैकिंग डिवाइस अनिवार्य

नाबालिग से कथित गैंगरेप के बाद दिल्ली सरकार ने बस सुरक्षा नियम कड़े किए हैं। पैनिक बटन, ट्रैकिंग सिस्टम चालू रखना और खिड़कियों पर पर्दे लगाना प्रतिबंधित किया।

दिल्ली में चलने वाली बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार ने नए और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंगलवार को जारी आदेश के मुताबिक, दिल्ली में संचालित सभी बसों, जिनमें अंतरराज्यीय बसें भी शामिल हैं, में पैनिक बटन और वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस हर समय चालू रखना अनिवार्य होगा। बसों की खिड़कियों पर पर्दे लगाने और अनधिकृत फिल्म लगाने पर भी रोक लगा दी गई है।

ये निर्देश एक नाबालिग लड़की के चलती स्लीपर बस में कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद जारी किए गए हैं। आरोप है कि बस चालक और परिचालक ने लड़की के साथ अपराध किया और बाद में उसे कश्मीरी गेट के पास छोड़ दिया। पुलिस के अनुसार, लड़की ग्रेटर नोएडा से बस में सवार हुई थी और उसे करीब 40 किलोमीटर दूर छोड़ दिया गया।

घटना ने 2012 के निर्भया कांड की यादें ताजा कर दी हैं। जिस बस में अपराध हुआ, उसकी खिड़कियों पर पर्दे लगे होने से बाहर से अंदर का दृश्य दिखाई नहीं देता था। बस में कानून के तहत जरूरी सीसीटीवी व्यवस्था भी कथित तौर पर काम नहीं कर रही थी।

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परिवहन विभाग ने बस संचालकों को निर्देश दिया है कि पैनिक बटन यात्रियों की आसानी से पहुंच में हों और वाहन लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम पूरी तरह काम करने की स्थिति में रहे। हर बस में चालू हालत में अग्निशामक यंत्र और प्राथमिक उपचार किट भी उपलब्ध होनी चाहिए।

बसों को रात या खाली समय में केवल अधिकृत, सुरक्षित और पर्याप्त रोशनी वाले स्थानों पर खड़ा करने का निर्देश दिया गया है।

बस चालकों और कर्मचारियों का सत्यापन भी अनिवार्य किया गया है। चालकों के पास वैध लाइसेंस, वर्दी और जहां जरूरी हो, पीएसवी बैज होना चाहिए। परिचालकों के पास भी संबंधित वैध लाइसेंस और पहचान संबंधी दस्तावेज होने चाहिए। नशे की हालत में वाहन चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

यदि बस में किसी महिला के साथ छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार या अन्य अपराध होता है, तो चालक और परिचालक को तुरंत पुलिस को सूचना देनी होगी और बस को नजदीकी थाने, पुलिस चौकी या पीसीआर वाहन तक ले जाना होगा।

सरकार ने बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र और निर्धारित बस स्टॉप पर ही यात्रियों के चढ़ने-उतरने के नियमों पर भी जोर दिया है। उल्लंघन होने पर जुर्माना, वाहन जब्त करने और लाइसेंस या परमिट निलंबित करने जैसी कार्रवाई हो सकती है।

परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों को केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर लागू करना होगा।

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