डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया को बताया शक्ति का स्तंभ, सीएम पद छोड़ने के बाद भावुक संदेश
कर्नाटक में सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद डीके शिवकुमार ने उन्हें “शक्ति का स्तंभ” बताते हुए उनके नेतृत्व, सामाजिक न्याय और जनकल्याणकारी कार्यों की सराहना की।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया के इस्तीफे के एक दिन बाद उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने वरिष्ठ नेता के प्रति भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने सिद्धारमैया के लंबे राजनीतिक सफर, नेतृत्व क्षमता और राज्य के विकास में उनके योगदान की सराहना की।
डीके शिवकुमार ने कहा, “भगवान न तो आशीर्वाद देता है और न ही शाप, वह केवल अवसर देता है। असली बात यह है कि हम उन अवसरों का उपयोग कैसे करते हैं।” उन्होंने सिद्धारमैया के जीवन को एक छोटे से गाँव से निकलकर कर्नाटक की राजनीति में सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल होने की प्रेरणादायक यात्रा बताया।
शिवकुमार ने सिद्धारमैया को “शक्ति का स्तंभ” बताते हुए कहा कि उनका राजनीतिक जीवन दृढ़ता और सामाजिक न्याय का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया के नेतृत्व में शुरू की गई कई जनकल्याणकारी योजनाएं और विकास परियोजनाएं कर्नाटक की प्रगति की कहानी का अहम हिस्सा रहेंगी।
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उपमुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि सिद्धारमैया ने लगभग पाँच दशकों तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहकर राज्य की सामाजिक और राजनीतिक संरचना को आकार दिया है। उनके अनुसार, सिद्धारमैया ने समावेशी शासन के माध्यम से जनता के हितों को प्राथमिकता दी।
शिवकुमार ने 2020 से अपने राजनीतिक सहयोग को याद करते हुए कहा कि जब उन्हें कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) का अध्यक्ष बनाया गया था, तब से सिद्धारमैया हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़े रहे। उन्होंने कहा कि उनके साथ काम करना एक सीखने का अनुभव रहा और भविष्य में भी उनका मार्गदर्शन मिलता रहेगा।
अपने संदेश के अंत में डीके शिवकुमार ने एकता का संदेश देते हुए कहा, “अगर तेज चलना है तो अकेले चलो, लेकिन अगर दूर तक जाना है तो साथ चलो।” उनके इस बयान को कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद पार्टी में एकजुटता बनाए रखने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
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