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फीफा विश्व कप 2026 में पिता-पुत्र की विरासत: हालांड से जिदान तक चमके फुटबॉल परिवार

फीफा विश्व कप 2026 में एरलिंग हालांड, लुका जिदान, गिउलियानो सिमियोने और जियोवानी रेना जैसे खिलाड़ी अपने पिता की फुटबॉल विरासत को आगे बढ़ाते नजर आ रहे हैं।

फीफा विश्व कप 2026 सिर्फ रोमांचक मुकाबलों और शानदार प्रदर्शन के लिए ही चर्चा में नहीं है, बल्कि यह फुटबॉल की पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलने वाली विरासत की भी अनोखी कहानी पेश कर रहा है। इस बार कई खिलाड़ी ऐसे हैं जो अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर उतर रहे हैं।

फ्रांस के महान फुटबॉलर जिनेदिन जिदान की विरासत को उनके बेटे लुका जिदान आगे बढ़ा रहे हैं। जिनेदिन जिदान ने 1998, 2002 और 2006 के विश्व कप में फ्रांस का प्रतिनिधित्व किया था और 1998 में अपनी टीम को विश्व चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। अब लुका जिदान 2026 विश्व कप में परिवार की इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।

नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालांड भी ऐसे ही खिलाड़ियों में शामिल हैं। उनके पिता अल्फ-इंगे हालांड ने 1994 फीफा विश्व कप में नॉर्वे का प्रतिनिधित्व किया था। एरलिंग हालांड आज दुनिया के सबसे खतरनाक स्ट्राइकरों में गिने जाते हैं और उन्होंने हालांड परिवार का नाम नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

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अर्जेंटीना के गिउलियानो सिमियोने भी अपने पिता डिएगो सिमियोने की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। डिएगो सिमियोने 1994, 1998 और 2002 विश्व कप में अर्जेंटीना के लिए खेले थे और वर्तमान में दुनिया के सफलतम फुटबॉल कोचों में शामिल हैं।

अमेरिका के जियोवानी रेना, पूर्व अमेरिकी कप्तान क्लाउडियो रेना के बेटे हैं, जिन्होंने 1994 से 2006 के बीच कई विश्व कप खेले। वहीं नीदरलैंड के जस्टिन क्लाइवर्ट, महान फुटबॉलर पैट्रिक क्लाइवर्ट के बेटे हैं, जो 1998 विश्व कप में डच टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल थे।

विश्व कप 2026 में इन खिलाड़ियों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि फुटबॉल सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही एक विरासत भी है।

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