भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते पर चिंता जताने को लेकर गोयल का कांग्रेस पर हमला
भारत-ईयू एफटीए पर कांग्रेस की चिंताओं को खारिज करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि यह विन-विन समझौता है, जो आर्थिक विकास, व्यापार और रोजगार के बड़े अवसर पैदा करेगा।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर सवाल उठाने पर कांग्रेस की कड़ी आलोचना की है। बुधवार (28 जनवरी 2026) को उन्होंने कहा कि यह समझौता किसी एक पक्ष के लाभ और दूसरे के नुकसान वाला नहीं, बल्कि “विन-विन डील” है, जो भारत की आर्थिक वृद्धि को गति देगा और कारोबार व आम लोगों के लिए बड़े अवसर पैदा करेगा।
कांग्रेस ने बुधवार (29 जनवरी) को एफटीए पर चिंता जताते हुए कहा था कि नरेंद्र मोदी सरकार भारत के एल्युमिनियम और स्टील उद्योग को ईयू के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) से छूट दिलाने में विफल रही है। इसके अलावा, कांग्रेस ने ईयू के 96 प्रतिशत से अधिक निर्यात पर भारत में शुल्क में कटौती और ईयू के सख्त स्वास्थ्य व उत्पाद सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने यह भी कहा कि भारत का ईयू को सबसे बड़ा निर्यात — रिफाइंड फ्यूल — भी चिंता का विषय है।
इन आरोपों पर जवाब देते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि यह विडंबना है कि जो लोग पहले निर्णय नहीं ले पाए, वे आज निष्क्रियता को ही गुण के रूप में पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी निष्क्रियता की कीमत देश ने नौकरियों, आय और विकास के नुकसान के रूप में चुकाई है।
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गोयल ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि मेरे मित्र नकारात्मक और निराशावादी सोच को छोड़ेंगे और हमारे महत्वाकांक्षी लोगों की क्षमता को समझेंगे, जो दुनिया के साथ व्यापार करना चाहते हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समझौता 25 ट्रिलियन डॉलर की संयुक्त जीडीपी, 11 ट्रिलियन डॉलर के वैश्विक व्यापार और 2 अरब लोगों के साझा बाजार से जुड़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने CBAM समेत स्टील, एल्युमिनियम और अन्य क्षेत्रों के घरेलू निर्यातकों के हितों को मजबूती से उठाया है और संवाद व विश्वास के जरिए समाधान के रास्ते खोजे गए हैं। गोयल के मुताबिक, यह समझौता दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी है, जो ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देगा, ऑटो सेक्टर में स्थानीय विनिर्माण, उन्नत तकनीक, अनुसंधान और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।
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