चार महीने की लगातार जांच के बाद हरियाणा जीआरपी ने बाल श्रम मामले के फरार आरोपी को किया गिरफ्तार
चार महीने की जांच और लंबी तलाश के बाद हरियाणा जीआरपी ने बाल श्रम के दौरान नाबालिग का हाथ कटने के मामले में फरार आरोपी अनिल को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया।
लगातार चार महीने तक चली गहन जांच, तकनीकी निगरानी और 200 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में तलाशी अभियान के बाद हरियाणा सरकार रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने बाल श्रम से जुड़े एक गंभीर मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर क्षेत्र से की गई, जहां वह एक डेयरी में काम कर रहा था।
प्राथमिकी (एफआईआर) के अनुसार, आरोपी की पहचान अनिल के रूप में हुई है, जिसने बहादुरगढ़ के रहने वाले एक नाबालिग बच्चे को जबरन काम पर लगाया था। बाल श्रम के दौरान बच्चे का हाथ चारा काटने की मशीन में फंस गया, जिससे उसका हाथ पूरी तरह कट गया। यह हृदयविदारक घटना अगस्त 2025 में सामने आई थी, जब पुलिस को घायल बच्चे की सूचना मिली।
सूचना मिलते ही हरियाणा जीआरपी ने मामले में कार्रवाई शुरू की और बाल श्रम निषेध अधिनियम सहित विभिन्न कानूनों की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। घटना के बाद से ही आरोपी फरार था और लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी चुनौतीपूर्ण बन गई।
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पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और स्थानीय नेटवर्क के माध्यम से आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। जांच के दौरान कई राज्यों में तलाशी अभियान चलाया गया और अंततः आरोपी को उत्तर प्रदेश में चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, यह मामला न केवल बाल श्रम की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस तरह नाबालिगों को खतरनाक कार्यों में झोंक दिया जाता है। पुलिस ने कहा कि आरोपी से आगे की पूछताछ जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस अपराध में कोई अन्य व्यक्ति या नेटवर्क शामिल था।
हरियाणा जीआरपी ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम और बच्चों के शोषण से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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