हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को POCSO अधिनियम की जागरूकता बढ़ाने का निर्देश दिया
मद्रास उच्च न्यायालय मदुरै बेंच ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव को बच्चों की सुरक्षा अधिनियम (POCSO) पर जन जागरूकता बढ़ाने के लिए तुरंत कदम उठाने का निर्देश दिया।
मदुरै बेंच, मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव को बच्चों के यौन अपराधों से संरक्षण (POCSO) अधिनियम की धारा 43 के पालन हेतु तत्काल और सकारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि जनता, बच्चे और अभिभावक अधिनियम की कड़े प्रावधानों के प्रति पूरी तरह अवगत हों।
न्यायमूर्ति एन. माला ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि केवल अधिनियम की धारा 43 में वर्णित उपाय ही नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों और महाविद्यालयों में कैंप आयोजित करके बच्चों और अभिभावकों में जागरूकता पैदा की जाए। इसके अतिरिक्त, निजी स्कूलों और महाविद्यालयों में भी इसी तरह के कैंप और सेमिनार आयोजित करने पर विचार किया जाए।
अदालत ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से न केवल अधिनियम के महत्व को समझाया जा सकेगा, बल्कि इसके उल्लंघन के गंभीर परिणामों के बारे में भी जानकारी दी जा सकेगी। न्यायालय ने इस निर्देश को सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्यवाही करने पर जोर दिया।
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मुख्य सचिव को आदेश दिया गया कि वे विभिन्न माध्यमों से जनसाधारण तक संदेश पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाएं, ताकि बच्चे सुरक्षित रहें और उनके अधिकारों का उल्लंघन न हो।
इस फैसले का उद्देश्य समाज में POCSO अधिनियम के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना और बच्चों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम करना है।
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