सेवानिवृत्ति से कुछ हफ्ते पहले HPCL अधिकारी की हत्या, ब्लैकलिस्टेड सप्लायर पर आरोप
बदायूं में एचपीसीएल के डीजीएम सुधीर गुप्ता की कथित तौर पर ब्लैकलिस्टेड सप्लायर अजय प्रताप सिंह ने हत्या कर दी। धमकियों की शिकायत के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर दो पुलिसकर्मी निलंबित हुए।
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के एक वरिष्ठ अधिकारी की हत्या ने सनसनी फैला दी है। कंपनी के डिप्टी जनरल मैनेजर सुधीर गुप्ता की कथित रूप से एक ब्लैकलिस्ट किए गए सप्लायर ने गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस के अनुसार, 55 वर्षीय सुधीर गुप्ता एचपीसीएल के कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट में कार्यरत थे और कुछ ही हफ्तों में सेवानिवृत्त होने वाले थे। उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने का फैसला भी किया था।
करीब एक महीने पहले गुप्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि अजय प्रताप सिंह, जो प्लांट को पराली की आपूर्ति करता था, उन्हें लगातार धमकी दे रहा है। पुलिस के अनुसार, आठ महीने पहले गुप्ता ने अजय प्रताप सिंह की कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था और प्लांट में उसके प्रवेश पर भी रोक लगा दी थी। यह फैसला कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार, धमकी देने और पराली आपूर्ति से जुड़े विवादों के कारण लिया गया था।
और पढ़ें: नेहरू जीवित होते तो कांशीराम को यूपी का मुख्यमंत्री बनाते: लखनऊ में राहुल गांधी
पुलिस ने बताया कि हत्या के बाद आरोपी ने आत्मसमर्पण कर दिया। बाद में जब पुलिस उसे हथियार बरामदगी के लिए लेकर गई, तो उसने कथित तौर पर पुलिस पर गोली चला दी और भागने की कोशिश की। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी के पैरों में गोली मार दी।
इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया है, क्योंकि उन्होंने पहले मिली जान से मारने की धमकियों पर समय पर कार्रवाई नहीं की थी।
यह घटना प्रशासन और औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है, खासकर तब जब पीड़ित अधिकारी पहले ही अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस से मदद मांग चुके थे।
और पढ़ें: पूर्व AIFF महासचिव कुशल दास का निधन, भारतीय फुटबॉल को दिया बड़ा योगदान