ईरान-यूएस टकराव तेज: अमेरिकी हमलों के जवाब में IRGC ने अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय पर किया ड्रोन हमला
अमेरिका के ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमलों के बाद आईआरजीसी ने बहरीन स्थित अमेरिकी 5वें बेड़े के मुख्यालय पर ड्रोन हमला किया। बढ़ते तनाव से मध्य पूर्व में सुरक्षा चिंताएं गहरा गई हैं।
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों के जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमला करने का दावा किया है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सायरन बजने लगे और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया।
अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के निकट ईरानी सैन्य ठिकानों पर “आत्मरक्षा के तहत” कार्रवाई की। यह अभियान ओमान के पास गश्त के दौरान अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद चलाया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस दुर्घटना के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों, निगरानी रडार नेटवर्क और ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों को निशाना बनाया। वॉशिंगटन का कहना है कि यह कार्रवाई क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई।
दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की है। आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय पर ड्रोन हमला किया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सैन्य अभियान जारी रहे तो और भी कठोर जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
ईरानी अधिकारियों ने दक्षिणी ईरान के जास्क, सीरिक और क़ेश्म द्वीप के आसपास कई स्थानों पर नुकसान की पुष्टि की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब ईरान और इज़राइल के बीच नाजुक युद्धविराम पहले से ही दबाव में है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव वैश्विक तेल आपूर्ति और विश्व अर्थव्यवस्था के लिए नई चिंताओं को जन्म दे रहा है।
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