जयपुर में पुलिस पर बाइक उठाकर झाड़ियों से बरामदगी दिखाने का आरोप, सीसीटीवी से खुला मामला
जयपुर में पुलिस पर घर के बाहर खड़ी बाइक उठाकर झाड़ियों में छिपाने और बाद में चोरों की निशानदेही पर बरामद दिखाने का आरोप लगा है। सीसीटीवी सामने आया।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में चोरी की बाइक बरामद करने के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठे हैं। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने एक घर के बाहर खड़ी ऐसी बाइक को लोडिंग टेंपो में रखकर ले गए, जिसकी चोरी की कोई शिकायत नहीं थी। बाद में कथित तौर पर उसी बाइक को झाड़ियों से बरामद दिखाया गया।
मामला गुर्जर की थड़ी इलाके के शांति नगर का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, 2 सितंबर को पुलिस वाहन चोरी के एक मामले की जांच और बरामदगी के लिए क्षेत्र में पहुंची थी। पुलिस ने बाइक चोरी के आरोप में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया था।
इसी दौरान पुलिसकर्मी कुछ युवकों के साथ रात में राजेंद्र शर्मा के घर के बाहर पहुंचे। वहां खड़ी बाइक को उठाकर लोडिंग टेंपो में रखा गया और वहां से ले जाया गया। आरोप है कि बाइक को बाद में एक सुनसान स्थान पर झाड़ियों में छिपा दिया गया।
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अगली सुबह जब परिवार को बाइक घर के बाहर नहीं मिली, तो उन्होंने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी। फुटेज में कथित तौर पर पुलिसकर्मी कुछ युवकों के साथ बाइक को ले जाते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस द्वारा बाइक को झाड़ियों से बरामद किए जाने की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए।
परिवार का आरोप है कि बाइक चोरी नहीं हुई थी, बल्कि पुलिसकर्मी उसे खुद लेकर गए थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि बाइक पुलिस ही लेकर गई थी, तो बाद में उसे चोरों की निशानदेही पर बरामद कैसे दिखाया गया?
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामला सिर्फ वाहन चोरी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी की प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठने लगे हैं। अब अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है, ताकि रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज के बीच अंतर की वास्तविक वजह सामने आ सके।
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