मुंबई में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा संदिग्ध गिरफ्तार, फोन में मिली मसूद अजहर की ऑडियो क्लिप
मुंबई एंटी टेररिज्म स्क्वाड ने माहिम से 33 वर्षीय मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर को जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया, उसके फोन में मसूद अजहर की ऑडियो क्लिप मिली।
मुंबई एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने माहिम इलाके से 33 वर्षीय मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने का आरोप है। बिहार का रहने वाला यह व्यक्ति मुंबई में रैपिडो ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा था और करीब 10 साल से शहर में रह रहा था।
ATS के अनुसार, आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में भड़काऊ पोस्ट और जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर की ऑडियो क्लिप बरामद हुई हैं। जांच एजेंसी अब उसके सोशल मीडिया अकाउंट और एक टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ी गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरा मामला आरोपी की सोशल मीडिया गतिविधियों और उक्त टेलीग्राम ग्रुप से मिले सुरागों के आधार पर सामने आया। पुलिस का आरोप है कि वह सोशल मीडिया पर जैश-ए-मोहम्मद को बढ़ावा देने वाली सामग्री पोस्ट करता था।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी माहिम इलाके में बाबा फलूदा के पास परफ्यूम बेचने का काम भी करता था और साथ ही रैपिडो ड्राइवर के तौर पर भी सक्रिय था। ATS यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं आरोपी के पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों से भी संपर्क तो नहीं थे। मामले की जांच मुंबई ATS की कालाचौकी यूनिट कर रही है।
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कालाचौकी यूनिट ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा धर्म, भाषा या अन्य आधारों पर अलग-अलग समूहों के बीच दुश्मनी बढ़ाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने से जुड़े मामलों में लागू होती है। शुक्रवार को अदालत ने आरोपी को पुलिस हिरासत में भेज दिया। ATS अब उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
गौरतलब है कि जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को वर्ष 1994 में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग से गिरफ्तार किया गया था। दिसंबर 1999 में काठमांडू से दिल्ली आ रही इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 को अगवा कर अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया था। यात्रियों की रिहाई के बदले अपहरणकर्ताओं ने मसूद अजहर समेत तीन आतंकियों को छोड़ने की मांग रखी थी, जिसे मानते हुए भारत सरकार ने 31 दिसंबर 1999 को तीनों को रिहा कर दिया था।
रिहाई के बाद मसूद अजहर ने वर्ष 2000 में जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना की। यह संगठन 2001 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा परिसर और भारतीय संसद पर हुए आतंकी हमलों से जुड़ा था। भारत सरकार ने 2019 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित किया था।
इस बीच, जम्मू-कश्मीर के पुंछ में सेना ने तलाशी अभियान के दौरान 7 संदिग्ध IED और 7.62 मिमी लाइट मशीन गन (LMG) की मैगजीन बरामद की है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, खुफिया जानकारी मिलने के बाद 156 टेरिटोरियल आर्मी और 37 राष्ट्रीय राइफल्स की टीमों ने कासबलारी गांव के पास यह तलाशी अभियान चलाया। इससे एक दिन पहले इस क्षेत्र में 2 आतंकी मददगारों को भी गिरफ्तार किया गया था।