जलगांव में आदिवासी महिला से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, 7 से 8 लोगों पर मामला दर्ज
महाराष्ट्र के जलगांव में 30 वर्षीय आदिवासी महिला से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में 7 से 8 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
महाराष्ट्र के जलगांव जिले के जामनेर तालुका के सुकनायक टांडा क्षेत्र में 30 वर्षीय एक विवाहित आदिवासी महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर फत्तेपुर पुलिस थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत 7 से 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
एफआईआर के अनुसार, पीड़िता कृषि मजदूर के रूप में काम करती है। उसने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसे खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश किया और बाद में गन्ने के खेत में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। महिला का यह भी आरोप है कि आरोपियों ने घटना का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर डराया-धमकाया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि जब पीड़िता के पति ने समुदाय के लोगों और पुलिस से मदद लेने की कोशिश की तो आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट की। महिला ने आरोप लगाया कि करीब एक महीने पहले आरोपियों ने दोबारा उसका दोपहिया वाहन पर अपहरण किया और एक आरोपी ने कथित रूप से बंदूक की नोक पर उसके साथ यौन उत्पीड़न किया, जबकि अन्य आरोपी पहरा देते रहे।
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पुलिस ने रामेश्वर गणपत राठौड़, सूरज भीमसिंह राठौड़, पवन छगन राठौड़ (सभी सुकनायक टांडा निवासी) तथा भारमल कृपाल साबले (गोदरी टांडा, जामनेर) सहित तीन से चार अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है।
इस बीच, एक सामाजिक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज कराने के दौरान पुलिस ने शुरुआती स्तर पर सहयोग नहीं किया और शिकायत लेने में टालमटोल की। हालांकि, उप-विभागीय पुलिस अधिकारी बापू रोहम ने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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