केतन अग्रवाल हत्याकांड: रेस्क्यू टीम ने बताया- कुचली हुई खोपड़ी और शरीर पर कई चोटों के साथ मिला शव, मंगेतर सिया की भूमिका पर गहराया शक
लोहागढ़ में केतन अग्रवाल का शव कुचली खोपड़ी और कई चोटों के साथ मिला। सिया गोयल और चेतन चौधरी गिरफ्तार हैं। महाराष्ट्र सरकार ने मामले की त्वरित सुनवाई के निर्देश दिए।
महाराष्ट्र के लोहागढ़ किले के पास हुए चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल टीम के सदस्य सुनील गायकवाड़ ने बताया कि जब उनकी टीम मौके पर पहुंची तो केतन अग्रवाल का शव गंभीर हालत में मिला। उनके सिर पर बेहद गहरी चोटें थीं, खोपड़ी पूरी तरह कुचली हुई थी और हाथ-पैरों पर भी कई जगह चोट के निशान थे। इस भयावह स्थिति को देखकर आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
सुनील गायकवाड़ के अनुसार, पुलिस को सुबह करीब 10:30 बजे सूचना मिली थी, जिसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया। कठिन पहाड़ी और जंगल वाले रास्ते से शव को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। दोपहर लगभग 1:30 बजे शव को एंबुलेंस के हवाले कर दिया गया और इसके साथ ही रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त हुआ।
रेस्क्यू टीम ने यह भी बताया कि जब शव बरामद किया गया, उस समय केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल भी मौके पर मौजूद थीं। हालांकि अन्य लोग काफी घबराए हुए थे, लेकिन सिया सामान्य और शांत दिखाई दे रही थीं। टीम के सदस्य के अनुसार, वह अधिक भावुक नजर नहीं आईं, जिसने जांच एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
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पुलिस ने इस मामले में सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच में सामने आया है कि सिया और चेतन की मुलाकात सिया के भाई साहिल के एक क्रिकेट मैच के दौरान हुई थी। बाद में वर्ष 2025 की दीपावली पार्टी में दोबारा मिलने के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।
पुलिस ने साहिल से भी करीब 10 घंटे तक पूछताछ कर दोनों के बयानों का मिलान किया। शुरुआती जांच के अनुसार, चेतन ने सिया को केतन की हत्या के लिए उकसाया था और कई असफल प्रयासों के बाद खुद हत्या करने की बात भी कही थी।
इस सनसनीखेज मामले पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार इस केस की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करेगी। राज्य सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इसे केवल आपराधिक नहीं बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी बेहद चिंताजनक घटना बताया।
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