केतन अग्रवाल हत्याकांड: सच सामने लाने के लिए सिया गोयल का लाई-डिटेक्टर टेस्ट कराने की अनुमति मांगी
पुणे पुलिस ने केतन अग्रवाल हत्याकांड में सिया गोयल का लाई-डिटेक्टर टेस्ट कराने की अदालत से अनुमति मांगी है। जांच में रिहर्सल स्थल और अहम साक्ष्य भी सामने आए हैं।
महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुणे पुलिस ने अदालत से मुख्य आरोपी सिया गोयल का पॉलीग्राफ (लाई-डिटेक्टर) टेस्ट कराने की अनुमति मांगी है। पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में ऐसा कोई प्रत्यक्षदर्शी या ठोस साक्ष्य नहीं मिला है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि लोहागढ़ किले की खाई में केतन अग्रवाल को आखिर किसने धक्का दिया था।
पुलिस ने अदालत को बताया कि सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, लेकिन उनके बयानों की सत्यता की पुष्टि और नए सुराग जुटाने के लिए पॉलीग्राफ टेस्ट आवश्यक है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इससे घटना की सच्चाई सामने आने में मदद मिल सकती है।
इसी बीच गुरुवार सुबह पुलिस सिया गोयल को पुणे के लुल्लानगर स्थित उस स्थान पर भी ले गई, जहां जांच के अनुसार उसने और चेतन चौधरी ने कथित तौर पर केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले से धक्का देने की योजना का पूर्वाभ्यास किया था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सिया ने उस स्थान की पहचान भी की, जहां कथित रूप से इस साजिश की रिहर्सल की गई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने पुणे के मार्केट यार्ड इलाके में स्थित सिया के घर से 18 जून को घटना के दिन पहने गए कथित कपड़े भी बरामद किए हैं। पुलिस का आरोप है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी अपने संबंधों में केतन अग्रवाल को बाधा मानते थे और इसी कारण उसकी हत्या की साजिश रची गई।
26 वर्षीय कारोबारी केतन अग्रवाल की 18 जून 2026 को लोहागढ़ किले से गिरने के कारण मौत हुई थी। शुरुआत में इसे दुर्घटना बताया गया था, लेकिन जांच में पुलिस ने इसे सुनियोजित हत्या करार दिया। इसके बाद 23 जून को सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस को उम्मीद है कि लाई-डिटेक्टर टेस्ट से इस हाई-प्रोफाइल मामले के अहम राज खुल सकते हैं।
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